गोंडवाना की ऐतिहासिक धरा और माँ दुर्गा की आराधना

ऐतिहासिक नगरी गढ़ा और माँ दुर्गा का भव्य दरबार

वीरेंद्र दुबे

जबलपुर। गौंडवाना साम्राज्य की गौरवशाली राजधानी और रानी दुर्गावती की ऐतिहासिक कर्मभूमि — गढ़ा बाजार के प्राचीन आँगन में, गोंडवाना दुर्गोत्सव समिति, गढ़ा (इस क्षेत्र की सबसे प्राचीन दुर्गोत्सव समिति) द्वारा स्थापित माँ दुर्गा की यह सौम्य, अलौकिक एवं नयनाभिराम प्रतिमा हर भक्त का मन मोह रही है।

गढ़ा का गोंडकालीन इतिहास:

मध्य प्रदेश का यह गढ़ा क्षेत्र कभी प्रतापी गोंड राजाओं और वीरंगना रानी दुर्गावती के साम्राज्य का केंद्र हुआ करता था। गढ़ा का प्रसिद्ध मदन महल किला, यहाँ के प्राचीन जलाशय और इस मिट्टी का कण-कण आज भी गोंडवाना के शौर्य, संस्कृति, कला और वास्तुकला की गाथा गाता है। इतिहास के इस पवित्र प्रांगण में माँ आदिशक्ति की यह अराधना, हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आस्था का अद्भुत संगम है।

आइए, इस पावन अवसर पर महामाया माँ दुर्गा के चरणों में शीश झुकाकर अपने क्षेत्र की सुख, समृद्धि और ऐतिहासिक गौरव की निरंतरता की कामना करें।

जय माता दी! | जय गोंडवाना!

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