
श्री गणेश जन्मोत्सव के चतुर्थ दिवस पर 31 अगस्त 2025, रविवार को ललपुर रोड, गौरीघाट स्थित श्री सिद्ध रजत गणेश मंदिर में भगवान श्री रजत गणेश का विशेष पूजन-अर्चन सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर 1000 नामों से मोदकों द्वारा सहस्त्रार्चन किया गया और फलों के रस से भगवान गणेश का अभिषेक किया गया।
महंत स्वामी प्रमोद महाराज का उद्बोधन
पूजन से पूर्व संस्थापक महंत स्वामी प्रमोद महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि “गण शब्द समूह का वाचक है और समूहों का पालन करने वाले परमात्मा को ही गणपति कहा जाता है। ‘गण्यन्ते बुद्ध्यान्ते ते गणा:’ इस व्युत्पत्ति से सम्पूर्ण दृश्य जगत गण है और उसका अधिष्ठान स्वयं गणपति हैं।”
इस दिन प्रभु श्री गणेश का सिन्दूरी भगवा वस्त्रों से भव्य श्रृंगार किया गया।
सांयकालीन महाआरती और भंडारा
सांयकाल में भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। महाआरती के पश्चात भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
पूजन विधि और भक्तों की सहभागिता
पूजन विधि का संचालन आचार्य रामकिशोर द्वारा किया गया। इस अवसर पर अमित ऋचा नागपाल, वैदिक नागपाल, अमोघ गुप्ता, दुष्यंत त्रिपाठी और रूप नारायण शर्मा सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
मनोकामना पूर्ति हेतु उमड़ी भीड़
भक्तों ने रजत गणेश के समक्ष मनोकामना पूर्ति हेतु अर्जी लगाई। पूरे दिन मंदिर परिसर में दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़ती रही और भक्त गणेशोत्सव के इस पावन अवसर पर पुण्य लाभ अर्जित करते रहे।