मानसून सीजन में बरसते रहे बदरा, फिर भी औसत से इतना पीछे रह गया बारिश का आंकड़ा

जबलपुर जिले की औसत वर्षा 1245 मिमी, इस बार 1180.8 मिमी ही बारिश

रवीन्‍द्र सुहाने

जबलपुर। मानसून सीजन (1 जून से 30 सितंबर) में जबलपुर जिले में लगातार बारिश का दौर बना रहा। कभी मध्यम तो कभी झमाझम वर्षा ने लोगों को राहत भी दी और त्योहारों के दौरान भी बादल बरसते रहे, जिससे लोग परेशान भी हुए। पितृपक्ष और नवरात्रि के समय भी रिमझिम का सिलसिला जारी रहा। इसके बावजूद इस बार का आंकड़ा जिले की औसत बारिश से कम दर्ज किया गया।

जिले की औसत वर्षा 1245 मिमी है, लेकिन इस बार 1180.8 मिमी ही बारिश दर्ज हो सकी। पिछले वर्ष यह आंकड़ा 1464 मिमी तक पहुंचा था। यानी 122 दिनों के इस सीजन में बारिश के दिन अधिक रहे और कुल 84 दिन जिला भीगा, लेकिन बारिश का आंकड़ा औसत बारिश से पिछड़ गया।

जून-जुलाई में झमाझम बारिश

सीजन की शुरुआत के साथ ही जिले में बारिश का अच्छा दौर रहा। मानसून ने 18 जून 2025 को जबलपुर में दस्तक दी थी। इसके बाद जून के शेष दिनों में लगातार बारिश दर्ज की गई। जून के 17 दिनों में कुल 214.6 मिमी वर्षा हुई, जबकि औसत 186 मिमी है। यानी जून का आंकड़ा बेहतर रहा।

जुलाई में 29 दिन बारिश हुई और इस दौरान 554.3 मिमी वर्षा दर्ज हुई। इस महीने का औसत 385.3 मिमी है। इस तरह जून और जुलाई ने मिलकर बारिश का संतुलन बनाए रखा और औसत से अधिक वर्षा दी।

अगस्त-सितंबर में घटा आंकड़ा

जुलाई तक बारिश सामान्य से अधिक रही, लेकिन अगस्त और सितंबर में स्थिति कमजोर हो गई। अगस्त के 20 दिनों में बारिश तो हुई, मगर आंकड़ा केवल 199.7 मिमी तक ही पहुंचा। इस महीने का औसत 471.9 मिमी है। यानी अगस्त में जिले को भारी घाटा उठाना पड़ा।

सितंबर में भी बारिश के 18 दिन दर्ज किए गए। इस दौरान कुल 213.1 मिमी वर्षा हुई। हालांकि यह इस माह के औसत 200.7 मिमी के करीब है, लेकिन अगस्त की कमी को पूरा नहीं कर सका।

बारिश के दिन अधिक, पानी कम

मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक देवेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि इस साल बारिश पिछले वर्षों की तुलना में अधिक दिनों तक हुई। जून और जुलाई में औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई, लेकिन अगस्त और सितंबर ने औसत को पीछे कर दिया।

उन्होंने बताया कि इस बार बारिश झमाझम गिरकर थमने के बजाय धीमी और रिमझिम रूप में चलती रही। इससे ऐसा महसूस हुआ कि वर्षा का दौर लंबा रहा, लेकिन कुल बारिश का आंकड़ा कम दर्ज हुआ।

अब आगे की संभावना

मौसम विभाग का कहना है कि अभी अक्टूबर में भी बारिश के आसार बने हुए हैं, लेकिन 30 सितंबर के बाद मानसून सीजन का आंकड़ा क्लोज माना जाता है। यानी यदि आगे बूंदाबांदी हुई भी तो उसे मानसून की रिपोर्ट में शामिल नहीं किया जाएगा।

जिले की बारिश का पूरा आंकड़ा

  • जून – 214.6 मिमी (औसत 186 मिमी), 17 दिन बारिश
  • जुलाई – 554.3 मिमी (औसत 385.3 मिमी), 29 दिन बारिश
  • अगस्त – 199.7 मिमी (औसत 471.9 मिमी), 20 दिन बारिश
  • सितंबर – 213.1 मिमी (औसत 200.7 मिमी), 18 दिन बारिश

जबलपुर जिले में मानसून सीजन 2025 ने कुल मिलाकर मिश्रित तस्वीर पेश की। शुरुआती महीनों ने राहत दी, लेकिन अगस्त-सितंबर ने आंकड़ा गिरा दिया। परिणामस्वरूप इस बार जिले को औसत वर्षा से कम बारिश हुई।

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