गढ़ा दशहरा चल समारोह: परंपरा, भक्ति और संस्‍कृति का अद्भुत संगम, तस्‍वीरों में देखें भव्‍यता

गढ़ा दशहरा चल समारोह की भव्य शुरुआत

जबलपुर। श्री रामलीला समिति, गढ़ा की अगवानी में शुक्रवार को गौतम मढ़िया से गढ़ा क्षेत्र के विजयदशमी चल समारोह का शुभारंभ हुआ। परंपरा और उत्साह से भरे इस आयोजन में भगवान गणेश, भगवान शिव, भगवान नरसिंह जी की झांकियां चल हीं थीं। भगवान श्रीराम और रावण के युद्ध की लीला चल रही थी। गुलौआ तिराहा, शुक्‍ला नगर, एकता चौक, मेजर बीटी तिराहा, छोटी बजरिया, आनंदकुंज गढ़ा बाजार और पंडा की मढ़िया होते हुए चल समारोह आगे बढ़ रहा था।

आकर्षक झांकियों ने मोह लिया दर्शकों का मन

गढ़ा क्षेत्र की शोभायात्रा आकर्षक झांकियों और पारंपरिक साज-सज्जा से सजी हुई थी। धार्मिक झांकियों में रामायण और दुर्गा महोत्सव के विभिन्न प्रसंगों को सजीव रूप में प्रदर्शित किया गया, जिसने श्रद्धालुओं और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रशासन द्वारा सभी समितियों को क्रमांक दिए गए थे, जिससे शोभायात्रा सुव्यवस्थित रूप से आगे बढ़ती रही।

तीन दिन तक शहर में गूंजे उत्सव के जयकारे

जबलपुर में दशहरा उत्सव हर बार की तरह इस बार भी तीन दिनों तक विशेष रूप से मनाया गया। बुधवार को पंजाबी दशहरा, गुरुवार को मुख्य दशहरा चल समारोह और शुक्रवार को गढ़ा क्षेत्र में दशहरा चल समारोह एवं रावण दहन का आयोजन हुआ। बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं और नागरिकों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी।

मातारानी के जयकारों से गुंजायमान हुआ क्षेत्र

सुबह से ही कछपुरा ब्रिज के पास संजीवनी नगर में विभिन्न समितियों द्वारा मातारानी की प्रतिमाएं क्रमवार स्थापित की गईं। जैसे ही चल समारोह प्रारंभ हुआ, पूरे क्षेत्र में मातारानी के जयकारों की गूंज छा गई। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने शोभायात्रा का स्वागत और पूजन किया। पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन और धार्मिक गीतों से वातावरण भक्तिमय बन गया।

 

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