निरंतर मेहनत के बावजूद व्यापार में लाभ नहीं और कर्ज बढ़ रहा तो दीपावली पर ये उपाय

दीपावली का पर्व हिंदू धर्म का सबसे बड़ा और प्रमुख त्योहार है, जिसे परिवार और समाज के साथ बड़े उत्साह से मनाया जाता है। धनतेरस से भाई दूज तक चलने वाला यह पर्व न केवल खुशियों और रोशनी का प्रतीक है, बल्कि इसे व्यापार और धन की वृद्धि के लिए भी अत्यंत शुभ माना गया है। कई बार ऐसा होता है कि निरंतर मेहनत के बावजूद व्यापार में लाभ नहीं होता और कर्ज बढ़ता चला जाता है। ऐसे में कुछ पारंपरिक और धार्मिक उपायों को अपनाकर इस स्थिति से छुटकारा पाया जा सकता है।

व्यापार वृद्धि यंत्र से बढ़ाएं आमदनी

दीपावली के दिन केसर और अनार की कलम से भोजपत्र पर विशेष व्यापार वृद्धि यंत्र बनाएं। इसके लिए एक बड़ा वर्ग बनाकर उसे नौ छोटे वर्गों में विभाजित करें। पहली पंक्ति में 8, 1, 6; दूसरी में 3, 6, 7 और तीसरी में 4, 9, 2 अंक लिखें। इस यंत्र की प्रतिदिन श्रद्धापूर्वक पूजा करने से धन आगमन और व्यापारिक उन्नति होती है।

चौतीसा यंत्र से मिलेगी सुख-समृद्धि

चौतीसा यंत्र को समृद्धि का प्रतीक माना गया है। इसे दीपावली की रात या रवि पुष्य योग पर भोजपत्र पर लिखना अत्यंत शुभ होता है। यंत्र बनाते समय लक्ष्मी जी के मंत्रों का जप करें और इसे घर या दुकान में स्थापित करें। ऐसा करने से मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।

मां लक्ष्मी की विशेष पूजा से मिलेगी अखंड संपन्नता

दीपावली की रात लाल वस्त्र पर गेहूं से स्वास्तिक बनाकर उस पर थाली रखें। कुमकुम से ‘गं’ लिखें, फिर श्वेतार्क गणपति, नारियल और सात कौड़ियां स्थापित करें। चंदन की माला से पांच बार विशेष मंत्र का जप करें और अगले दिन पांच कन्याओं को पीला भोजन कराएं। श्वेतार्क को घर में रखें और बाकी सामग्री को जल में प्रवाहित कर दें। यह उपाय अखंड संपन्नता का द्वार खोलता है।

नियमित मंत्रजप से मिलेगा करियर और बिजनेस में लाभ

कार्यस्थल जाने से पहले ‘ओम ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं क्रीं क्लीं श्रीं महालक्ष्मी मम गृह धनं पूरय पूरय चिन्तायै दूरय दूरय स्वाहा’ मंत्र का एक माला जप करें। यह मंत्र नौकरीपेशा और व्यापार करने वालों को अद्भुत लाभ प्रदान करता है।

गल्ले में करें खास उपाय, रुके धन का प्रवाह शुरू होगा

दीपावली के दिन दुकान के गल्ले में काली गुंजा के दाने रखकर ‘ओम ऐं ह्रीं विजय वर दाय देवी मम’ मंत्र की पांच माला जप करें। इसके साथ श्री यंत्र और कमल के बीज रखें तथा रोज धूप-दीप दिखाएं। यह उपाय व्यापार में रुकावटें दूर कर धन का प्रवाह बनाए रखता है।

श्मशान शिवालय में अभिषेक से बनेगी विशेष योग

धनतेरस और दीपावली के दिन श्मशान क्षेत्र स्थित शिव मंदिर में जाकर दूध और शहद से अभिषेक करें। इस उपाय से शेयर बाजार और सट्टा व्यवसाय में लाभ होने की मान्यता है।

गुड़ और गोबर के दीपक से बढ़ेगी आय

दीपावली के अगले दिन गोबर का दीपक बनाकर उसमें पुराना गुड़ और मीठा तेल डालें। इसे मुख्य द्वार पर जलाकर रखें। यह पारंपरिक उपाय घर में समृद्धि लाता है और आय में निरंतर वृद्धि करता है।

सफाई और सजावट का भी है महत्व

दीपावली के दिन दुकान और व्यापार स्थल की विशेष सफाई करें। फूलों, रंगोली और रोशनी से सजावट करें। देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्तियों की पंचोपचार पूजा करें। घी के 11 दीपक जलाएं, जिनमें बाईं ओर घी के और दाईं ओर तेल के दीपक रखें।

गोमती चक्र, झाड़ू और शंख से करें विशेष पूजन

दीपावली पूजन के बाद गोमती चक्र को लाल कपड़े में बांधकर दुकान के प्रवेश द्वार पर लटका दें। लक्ष्मी गणेश की पूजा के पास झाड़ू रखें और उसकी भी पूजा करें। दुकान के गल्ले में कमल के बीज और श्री यंत्र स्थापित करें। दक्षिणावर्ती शंख बजाएं, जिससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।

डिस्क्लेमर: यह लेख पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय जानकारी पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी प्रदान करना है। किसी भी प्रकार के निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। 

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