Video: पन्‍ना में प्राणनाथजी की कृपा, तभी लोगों को अचानक मिल रहा हीरा, बनाया जाएगा महालोक

पन्‍ना। अंतरराष्‍ट्रीय शरद पूर्णिमा महोत्‍सव के अवसर पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह ने पन्‍ना को “समृद्ध पन्‍ना” बनाने की दिशा में उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हमारा पन्‍ना छोटा जरूर है, लेकिन हम इसे समृद्ध पन्‍ना के रूप में विकसित करना चाहते हैं।

मंदिरों की नगरी पन्‍ना में बनेगा ‘जीवनकिशोर महालोक’

विधायक ने बताया कि पन्‍ना धाम मंदिरों की नगरी है, यहां जीवनकिशोर महालोक बनाया जाएगा जिसमें सभी प्रमुख मंदिरों को शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यहां की गलियां वृंदावन की कुंज गलियों जैसी हैं। इसी तरह गलियों और मंदिरों का विकास किया जाएगा।

प्राणनाथजी की कृपा से मिलता है पन्‍ना का हीरा

विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शरद पूर्णिमा के अवसर पर महामति प्राणनाथ जी ने संवत 1740 में सुंदरशाह जी के आग्रह पर रास का सजीव दर्शन कराया था, जहां श्‍यामजू की अनुभूति हुई थी। प्राणनाथ जी का पन्‍ना से गहरा संबंध रहा है। वे महाराजा छत्रसाल के गुरु रहे और उन्हें आशीर्वाद दिया था। पन्‍ना आज वीरों की नगरी के साथ-साथ प्राणनाथजी की कृपा से हीरों की भूमि के रूप में प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा — “जिस पर हमारे प्राणनाथ की कृपा होती है, उसे हीरा स्वयं मिल जाता है।”

हीरा उद्योग और बुनियादी ढांचे के लिए योजनाएं

विधायक ने बताया कि पन्‍ना में हीरा संग्रहालय बनवाया जा रहा है। साथ ही हीरों की कटिंग और पॉलिशिंग यूनिट भी स्थापित की जा रही है ताकि पन्‍ना का हीरा यहीं पर तराशा जा सके। इसके अलावा किलकिला में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जा रहा है, रिंग रोड और मंदिरों के गेट तैयार हो रहे हैं।

शिक्षा और धर्म-संस्कृति को बढ़ावा

पन्‍ना में मेडिकल कॉलेज खोलने की तैयारी है और भूमिपूजन के लिए मुख्यमंत्री को बुलाया जाएगा। धर्मसागर में महाराजा छत्रसाल की मूर्ति स्थापित की गई है, जिसका उद्घाटन 18 अक्टूबर को विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर द्वारा किया जाएगा। जुलाई में संतों का समागम भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें सभी संतो का सत्कार होगा।

विधायक ने कहा कि पन्‍ना मंदिरों की नगर है और यहां पर विकास और अध्यात्म दोनों का संगम होगा।

रिपोर्ट: राकेश कुमार शर्मा

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