मप्र में मौत का कफ सिरप- एसआइटी ने कंपनी के डायरेक्‍टर को चेन्‍नई में किया गिरफ्तार

भोपाल। कोल्ड्रिफ कफ सिरप बनाने वाली कंपनी श्रीसन फार्मा के डायरेक्‍टर गोविंदन रंगनाथन को एसआइटी ने चेन्‍नई में गिरफ्तार किया। मालूम होकि मप्र सरकार ने सात सदस्‍यों की एसआइटी बनाई थी जोकि तमिलनाडु गई थी। एसआइटी ने कांजीपुरम में श्रीसन की फैक्‍ट्री पर रेड डाली और कई दस्‍तावेज, सीसीटीवी फुटेज व रिकार्ड अपने कब्‍जे में लेकर फैक्‍ट्री को सील कर दिया है। मप्र के छिंदवाड़ा जिले और बैतूल में कोल्ड्रिफ सिरप के पीने से अब तक 21 बच्‍चों की मौत हो चुकी है।

बीच से कोई जाता है तो दुख होता है

सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा कि मैं भरे मन से कह सकता हूं कि बीच में से कोई अपना जाता है तो कष्‍ट होता है। हम सबकी सामूहिक जवाबदारी है। मप्र के सीएम डॉ मोहन यादव, प्रदेशाध्‍यक्ष हेमंत खंडेलवाल, छिंदवाड़ा सांसद बंटी विवेक साहू नागपुर जाएंगे और वहां अस्‍पतालों में भर्ती बच्‍चों का हाल जाएंगे।

अभी तक ये एक्‍शन लिया गया

इस मामले में अब तक यह एक्‍शन हुआ कि इस मामले में मप्र के ड्रग कंट्रोलर दिनेश मोर्य को हटा दिया गया। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने उप औषधि नियंत्रक एवं नियंत्रण प्राधिकारी, औषधि प्रशासन भोपाल शोभित कोष्‍टा , छिंदवाड़ा के औषधि निरीक्षक गौरव शर्मा और जबलपुर के औषधि निरीक्षक शरद जैन को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं।

जबलपुर में कटारिया फार्मा को सील कर दिया गया। स्‍वास्‍थ्‍य विभाग और प्रशासन की टीम ने रविवार को कटारिया फार्मा सील किया। सीएमएचओ डॉ संजय मिश्रा का कहना है कि कटारिया फार्मा के पास कोल्ड्रिफ सिरप की 660 बोतलें थीं जिनमें 594 बोतलें छिंदवाड़ा सप्‍लाई की गई। 66 बोतलें बची थीं। इनमें से 16 बोतलें सैंपल जांच के लिए लैब भेजी गईं थीं जोकि अमानक निकलीं। सिरप की 50 बोतलें कटारिया फार्मा के पास थीं जिनको सील कर दिया गया।

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