
छिंदवाड़ा। मप्र में मौत का सिरप बने कोल्ड्रिफ कफ सिरप का निर्माण करने वाले दवा कंपनी के डायरेक्टर आरोपी गोविंदन रंगनाथन को कोर्ट ने 10 दिन की रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया है। रंगनाथन को शुक्रवार को परासिया कोर्ट में पेश किया गया। इसके पहले आरोपी रंगनाथन को एसआइटी ने परासिया थाने में रखा। परासिया के अधिवक्ताओं ने आरोपी की पैरवी नहीं करने की बात कही।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सीबीआई या न्यायिक जांच की मांग खारिज कर दी है। मालूम हो कि जहरीले कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से अब तक 22 बच्चों की मौत हो चुकी है। कुछ बच्चों का नागपुर के एम्स में इलाज चल रहा है।
बुधवार को मप्र के सीएम डॉ मोहन यादव ने नागपुर एम्स में भर्ती बच्चों का हाल जाना। सीएम ने अस्पताल पहुंचकर पीडि़त बच्चों के परिवारों से मुलाकात की।

अब तक ये हुआ
– विषाक्त कोल्ड्रिफ सिरप के बारे में पता चलते ही 4 अक्टूबर को मप्र में इस पर प्रतिबंध लगा।
– अगले दिन 5 अक्टूबर को डॉ प्रवीण सोनी और दवा कंपनी श्रीसन के संचालक के विरूद्ध एफआइआर दर्ज की गई।
– 6 अक्टूबर को सीएम ने मप्र के ड्रग कंट्रोलर दिनेश मोर्य को हटाया। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने उप औषधि नियंत्रक एवं नियंत्रण प्राधिकारी, औषधि प्रशासन भोपाल शोभित कोष्टा, छिंदवाड़ा के औषधि निरीक्षक गौरव शर्मा और जबलपुर के औषधि निरीक्षक शरद जैन को निलंबित किया।

– एसआइटी 7 अक्टूबर को तमिलनाडु पहुंची और जांच शुरू की।
– 9 अक्टूबर को कोल्ड्रिफ कफ सिरप बनाने वाली कंपनी श्रीसन फार्मा के डायरेक्टर गोविंदन रंगनाथन को एसआइटी ने चेन्नई में गिरफ्तार किया। एसआइटी ने कांजीपुरम में श्रीसन की फैक्ट्री पर रेड डाली और कई दस्तावेज, सीसीटीवी फुटेज व रिकार्ड अपने कब्जे में लेकर फैक्ट्री को सील किए।
– 9 अक्टूबर को जबलपुर में श्रीसन फार्मा के स्टाकिस्ट कटारिया फार्मास्यूटिकल्स में जांच के बाद इस कंपनी के 31 प्रोडक्ट जब्त किए गए। 25 दवाओं के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए। इसके पहले भी जैसे ही कोल्ड्रिफ सिरप के विषाक्त होने की रिपोर्ट आई थी, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कटारिया फार्मास्यूटिकल्स से कोल्ड्रिफ सिरप की बोतलें जब्त की थीं।
10 अक्टूबर को रंगनाथन को कोर्ट में पेश किया गया।
फोटो: उमाशंकर मिश्रा