नरसिंह मंदिर में आरंभ हुआ श्रीमद् भागवत सप्ताह, श्रद्धालुओं ने पाया भक्ति का अमृत

जबलपुर। श्रीमद् भागवत महापुराण सप्ताह ज्ञान यज्ञ के नृसिंह मंदिर शास्त्री ब्रिज प्रथम दिवस पर पूज्य श्रीमद् जगदगुरू नृसिंहपीठाधीश्वर डॉ. स्वामी नृसिंहदेवाचार्य जी महाराज ने कहा कि श्रीमद्‌भागवत की जीव को अनेक जन्मों के पुण्यों के प्रभाव से प्राप्त होती है। मनुष्य का परम लक्ष्य है कि हमारे मन की शुद्धि हो तथा भगवान के चरणों की भक्ति प्राप्त हो, और भगवत कथा के शिवाय कोई दूसरा उपाय नहीं है। “एतस्माद् परं किञ्चित् मनः शुद्धमैन विद्यते।”

उन्होंने कहा कि श्रीमद्‌भागवत ज्ञान वैराग्य के सहित भक्ति का भण्डार है। भक्ति का अभिप्राय है भगवान से पूर्ण विश्कारपूर्वक प्रेम हो जाना, इसलिए “सदा सेव्या सदा सेव्या श्रीमद् भगवती कथा”— सदा श्रवण करते रहना चाहिए। मनुष्यतन प्राप्त करने की सार्थकता इसी में है। भगवान अपने भक्त की सदा रक्षा करते हैं, रखवारी करते हैं— “करौं सदा तिन्हकै रखवारी, जिमि बालक राखै महतारी।”

 

स्वामी जी ने भावपूर्ण ढंग से ज्ञान, वैराग्य व भक्ति के प्रसंग का वर्णन करते हुए देवर्षि नारद और सनकादिकों के संवाद का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भक्ति कोई मूर्तिमान सत्ता नहीं, बल्कि भगवान के चरणों से निर्मल प्रेम ही भक्ति का स्वरूप है।

व्यास पीठ का पूजन कमलेश शुक्ल, शैलेन्द्र ज्योतिषी, सुनित, श्रद्धा, वंदना और शिखा ने किया। तुलसी-शालिग्राम विवाहोत्सव में मंत्री राकेश सिंह, श्याम साहनी, के.के. बस्सी, डॉ. संदीप मिश्रा, राजेन्द्र यादव, संदीप जैन गुड्डा, आशीष शुक्ला सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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