हटा में आर्ट ऑफ लिविंग हैप्‍पीनेस प्रोग्राम का समापन, योग और अध्यात्म से मिला नया अनुभव

आर्ट ऑफ लिविंग के हैप्पीनेस कोर्स का हुआ समापन

दमोह/हटा। वर्तमान भाग दौड़ भरी जीवन शैली में स्वास्थ्य, सक्रियता और खुशहाली भरे जीवन में योग और अध्यात्म बहुत ही सकारात्मक भूमिका निभाते हैं। इसी तथ्य को ध्यान में रखते हुए गुरुदेव श्री श्री रविशंकर की संस्था आर्ट ऑफ लिविंग पूरे विश्व में योग और अध्यात्म के माध्यम से अलख जगा रही है।

संस्था की हटा इकाई के प्रशिक्षक आशुतोष सुहाने ने बालाजी कंस्ट्रक्शन हटा के हॉल में आयोजित 6 दिवसीय कार्यशाला में उपस्थित प्रशिक्षणार्थियों को बताया कि इस आपाधापी से भरे जीवन को सकारात्मक व तनाव मुक्त रखने के लिए हमारे अस्तित्व के सभी स्तरों को जैसे शरीर, मन, बुद्धि, चित्त, अहंकार, श्वास और आत्म बोध पर साधना, सेवा, सत्संग, प्राणायाम, योग, ध्यान और ज्ञान की कुंजियों के माध्यम से जीवन जीने की कला को सिखाया गया।

योग और अध्यात्म का महत्व

योग और अध्यात्म का सामंजस्य हमारे जीवन में उतना ही आवश्यक है जितना हमारे अस्तिव को भोजन। योग हमको स्वस्थ बने रहने में मदद करता है, तो अध्यात्म जीवन में सृजनात्मकता के साथ साथ सकारात्मक दृष्टिकोण पैदा करता है।

प्रशिक्षणार्थियों ने साझा किए अनुभव

इस शिविर के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने अंतिम दिन कोर्स से प्राप्त अपने अपने अनुभव साझा किए, जिसमे सभी प्रतिभागियों का अनुभव उनके प्रसन्न चित्त चेहरों से स्वतः ही प्रदर्शित हो रहा था। जिला पंचायत दमोह के पूर्व अध्यक्ष शिवचरण पटेल बड्डा द्वारा आर्ट ऑफ लिविंग कोर्स के लिए निःशुल्क हाल उपलब्ध कराया गया साथ ही उन्होंने बताया कि ऐसे आध्यात्मिक कार्यक्रमो के आयोजन हमारे जीवन को सहजता और प्रसन्नता से जीने की कला सिखाते है योग और अध्यात्म के संगम सुदर्शन क्रिया हमें तनाव मुक्त व स्वस्थ्य रखने में बहुत ही कारगर है।

प्रतिभागियों की प्रतिक्रियाएँ

नम्रता राजपूत ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि छात्र जीवन में मन को एकाग्र रखना आज के समय मे बहुत ही कठिन है लेकिन छः दिवसीय इस कार्यशाला ने मुझमें एक अलग ही आत्मविश्वास ,प्रसन्नता और मन को नियंत्रित करने की कला ज्ञान की कुंजियों के माध्यम से सीखीं है जो अद्भुत हैं।

मधुकांत उपाध्याय ने बताया कि हम अपने जीवन के छोटी छोटी समस्याओं और काल्पनिक योजनाओं से भयभीत हो जाते हैं और तनावग्रस्त हो जाते हैं यह कोर्स निश्चित ही हमें अपने वास्तविक स्वरूप जो केवल प्रेम है से साक्षात्कार कराता है जिसे सुदर्शन क्रिया से जाना और सुदर्शन क्रिया अकारण भय,चिंता से मुक्त करने में बहुत ही सहायक है।

सेवा का महत्व

हम सबको योग और अध्यात्म की दिशा में आगे आना चाहिए, ताकि एक स्वस्थ मन और स्वस्थ शरीर को बनाए रख सकें। सभी प्रतिभागी योग, ज्ञान, ध्यान, साधना और अध्यात्म को गहराई से जान पाए और इस कार्यशाला के माध्यम से सेवा के महत्व को भी समझ पाए।

कार्यक्रम में सहयोग

कार्यक्रम को सफल बनाने में हटा आर्ट ऑफ लिविंग के वरिष्ठ स्वयं सेवक राजबहादुर पटेल, उदयभान पटेल, गौरव सिंघई, अभिषेक सुहाने , अनिल पटेल, शरद अठ्या, अंशिका सुहाने और शाश्वत सुहाने, आदि की सराहनीय सेवा सहभागिता रही।

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