
जबलपुर। अभियंता संघ की केंद्रीय और क्षेत्रीय कार्यकारिणी की बैठक अभियंता संघ कार्यालय में सम्पन्न हुई। बैठक में फिजिकल के साथ-साथ ऑनलाइन माध्यम से भी विभिन्न क्षेत्रों के पदाधिकारी और अभियंता बड़ी संख्या में शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य वर्तमान परिस्थितियों, बढ़ते असंतोष और अभियंताओं पर बढ़ते कार्यदबाव के मद्देनज़र भविष्य की कार्ययोजना तैयार करना रहा।
महासचिव ने रखे प्रमुख मुद्दे
बैठक में महासचिव विकास कुमार शुक्ला ने मौजूदा स्थितियों, बढ़ते तनाव एवं कठिन कार्यपरिस्थितियों को विस्तारपूर्वक सभी सदस्यों के सामने रखा। इस दौरान अभियंताओं ने अपनी-अपनी समस्याएँ, सुझाव और अनुभव भी साझा किए।
निजीकरण और TBCB प्रणाली का विरोध
बैठक में ट्रांसमिशन कंपनी में लागू की जा रही TBCB प्रणाली तथा वितरण कंपनियों में Electricity Amendment Bill 2025 के माध्यम से बढ़ रहे निजीकरण का विरोध करने का निर्णय लिया गया। उपस्थित अभियंताओं ने स्पष्ट कहा कि यह प्रणाली भविष्य में कर्मचारियों की स्थिति को कमजोर करेगी और उपभोक्ताओं पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।
मुख्य मांगें—रिबेट, अलाउंस, वेतनमान और पद-विसंगति
बैठक में कई महत्वपूर्ण मांगों पर जोर दिया गया, जिनमें शामिल हैं—50% बिजली रिबेट, सोलर रूफटॉप स्कीम लागू करने, O-3* आदेश विलोपित करने, लाभांश से Incentive प्रदान करने, Technical Allowance, Higher Pay Revision विकल्प, Stipend Difference का निराकरण एवं पूर्व/मध्य क्षेत्रों को जनवरी 2010 से छठवां वेतनमान प्रदान करना। साथ ही पूर्व क्षेत्र के आईटी इंजीनियरों के संवर्ग एवं पद से संबंधित विसंगति दूर करने की आवश्यकता भी दोहराई गई।
विद्युत कॉलोनियों के जर्जर आवास—पुनर्निर्माण की मांग
अभियंताओं ने मांग की कि विद्युत कॉलोनियों में 50 वर्ष से अधिक पुराने एवं जर्जर आवासों को तोड़कर आधुनिक आवास बनाए जाएँ। यह कर्मचारियों की सुरक्षा और सुविधा दोनों के लिए अत्यंत आवश्यक बताया गया।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर गंभीर चर्चा
बैठक में विभिन्न सदस्यों ने भ्रष्टाचार से संबंधित मामलों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि समाचार माध्यमों में लगातार आ रही रिपोर्टें कंपनियों की साख को क्षति पहुँचा रही हैं। संघ ने एक स्वर में माना कि भ्रष्टाचार दीमक की तरह विद्युत कंपनियों को कमजोर कर रहा है और इसे रोकना अनिवार्य है। संघ ने यह भी तय किया कि भ्रष्टाचार से जुड़े सभी प्रकरणों की जानकारी एकत्रित कर अभियंताओं को नियमित रूप से अवगत कराया जाएगा।
आंदोलन की चेतावनी—सभी अभियंताओं को एकजुट होने का आह्वान
अंत में महासचिव विकास कुमार शुक्ला ने सभी अभियंताओं से आह्वान किया कि वे उपरोक्त समस्याओं व मांगों को अपने-अपने क्षेत्र में सभी सदस्यों तक पहुँचाएँ और एकजुट होकर समाधान हेतु तैयारी सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि मांगें समय पर नहीं मानी गईं तो आंदोलन का मार्ग अपनाया जाएगा।
बैठक में सैकड़ों पदाधिकारियों और सदस्यों ने भाग लिया तथा आगामी रूपरेखा में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।