असम में चरम पर चुनाव प्रचार- यूसीसी, घुसपैठ, भ्रष्‍टाचार बना मुद्दा, सात जन्‍मों तक पहुंची चुनावी लड़ाई

असम में विधान सभा चुनाव प्रचार चरम पर पहुंच गया है। बीजेपी ने यहां यूसीसी लागू करने की बात कह रही है हालांकि आदिवासी क्षेत्र को इस दायरे से बाहर रखने की बात कही जा रही है। वहीं घुसपैठ को भी चुनावी मुद्दा बनाया जा रहा है। चुनाव प्रचार करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि असम में भाजपा की सरकार बनी तो हम यूसीसी लाएंगे और यहां कोई चार शादी नहीं कर पाएंगे। वहीं असम में चुनाव प्रचार इस कदर पर्सनल हो गया है कि यहां प्रचार करने वाले नेता एक दूसरे पर पर्सनल आरोप लगा रहे हैं। असम में 129 सीटों के लिए 9 अप्रैल को वोटिंग होनी है।

घोषणा पत्र में यूसीसी और अवैध प्रवासियों पर सख्ती का वादा

भाजपा ने घोषणा पत्र में अवैध प्रवासियों को बंदी बनाकर बांग्‍लादेश भेजने की बात लिखी है। इसके अलावा यूसीसी लागू करने का वादा है। हिमंता बिस्‍व सरमा का कहना है कि इस बार सत्‍ता में आने पर अवैध नागरिकों की रीढ़ तोड़ी जाएगी। असम में कोई बांग्‍लादेशी किसी असमिया को डरा धमका नहीं सकता।

सात जन्‍मों तक पहुंची लड़ाई

असम में चुनाव प्रचार करने आए कांग्रेस नेता व लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि यदि असम में कांग्रेस की सरकार बनी तो हिमंता बिस्‍व सरमा जेल जाएंगे। वहीं इसका जवाब देते हुए हिमंता बिस्‍व सरमा ने कहा कि मुझे जेल भेजने वालों को सात जन्‍म लेना होगा।

ओवैसी ने घेरा कांग्रेस और बीजेपी को

एआइडीयूएफ के पक्ष में चुनाव प्रचार करने आए असुद्दीन ओवैसी असम में चुनाव प्रचार कर रहे हैं। ओवैसी ने चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि असम में कांग्रेस बीजेपी एक सिक्‍के के दो पहलू। कांग्रेस को वोट का मतलब बीजेपी को फायदा। वहीं ओवैसी ने हिमंता बिस्‍व सरमा पर भी आरोप लगाए। जिसका जवाब देते हुए हिमंता बिस्‍व सरमा ने कहा कि ओवैसी कोई भी नारा दें, फर्क नहीं पड़ता।

Image: AI-generated 

Back to top button