131वां संविधान संशोधन बिल गिरा, नहीं मिला दो-तिहाई बहुमत

नई दिल्ली। महिला आरक्षण बिल से जुड़ा 131वां संविधान संशोधन बिल लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत न मिलने के कारण गिर गया। बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि इसके खिलाफ 230 वोट डाले गए। कुल 528 वोटिंग में सरकार आवश्यक बहुमत हासिल नहीं कर सकी।

सरकार ने वापस लिए संबंधित विधेयक

बिल गिरने के बाद सरकार ने परिसीमन और केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन विधेयक को वापस ले लिया। संसदीय कार्यमंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि विपक्ष ने एक ऐतिहासिक अवसर खो दिया है। वहीं कांग्रेस ने इसे देश के विभाजन के मसौदे को खारिज करना बताया।

विपक्ष ने उठाए सवाल

विपक्ष का कहना है कि यह बिल महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन कराने की कोशिश थी। उनका आरोप है कि इससे राजनीतिक संतुलन प्रभावित हो सकता था।

2023 में पास हुआ था महिला आरक्षण बिल

महिला आरक्षण बिल वर्ष 2023 में सर्वसम्मति से पास हो चुका था। हालांकि इसमें जातिगत जनगणना, परिसीमन और सीटों के आरक्षण जैसे मुद्दे शामिल थे। इस बिल को 16 अप्रैल 2026 को अधिसूचित किया गया।

लोकसभा में किन मुद्दों पर हुई चर्चा

संविधान संशोधन विधेयक 2026 के तहत लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव था। साथ ही परिसीमन के लिए 2011 की जनगणना को आधार बनाने की बात रखी गई थी।

प्रधानमंत्री और विपक्ष के बयान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में कहा कि इस संशोधन से किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं होगा। वहीं प्रियंका गांधी ने कहा कि उनकी पार्टी 2023 के महिला आरक्षण बिल का समर्थन करती है, लेकिन वर्तमान विधेयक की टाइमिंग और परिसीमन को लेकर आपत्ति है।