
जबलपुर। भक्तों के कष्ट दूर करने के लिए श्रीहरि विष्णु ने धरा धाम पर समय-समय पर अनेक अवतार लिए हैं। आसुरी शक्तियों का नाश करने और समस्त पापों का अंत कर मोक्ष प्रदान करने हेतु वैशाख मास में श्रीहरि ने मोहिनी और नरसिंह सहित कई दिव्य रूप धारण किए। संस्कारधानी जबलपुर को धर्मधानी बनाने में नरसिंह मंदिर शास्त्री ब्रिज निरंतर सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना को जागृत करने का कार्य कर रहा है।

जगतगुरु के सानिध्य में आयोजन
भगवान श्री नरसिंह के प्राकट्य महोत्सव के अवसर पर परम पूज्य श्रीमद् जगतगुरु नरसिंह पीठाधीश्वर डॉक्टर स्वामी नरसिंह देवाचार्य जी महाराज के पावन सानिध्य में त्रिदिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
पूजन, सहस्त्रार्चन और हवन का क्रम
इस तीन दिवसीय महोत्सव में प्रतिदिन प्रातः 10 से 12 बजे तक अभिषेक पूजन एवं सहस्त्रार्चन तथा सायंकाल 4 से 8 बजे तक तर्पण, हवन और महाआरती का आयोजन किया जा रहा है।
प्रथम दिवस श्रद्धालुओं की रही बड़ी उपस्थिति
प्रथम दिवस पूजन-अर्चन, सहस्त्रनाम स्तोत्र पाठ, तर्पण और हवन में रामचरण दास जी, रामजी पुजारी, लालमणि मिश्रा, एस.बी. मिश्रा, रेखा खम्परिया, विध्येश भापकर, संतोष खम्परिया, इंदुलता प्यासी, राजेंद्र प्यासी, लोकराम कोरी, राजेंद्र यादव, संदीप मिश्रा, जीवन कपिल, आचार्य रामफल शास्त्री, प्रियांशु शास्त्री सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तजन उपस्थित रहे।
द्वितीय दिवस के कार्यक्रम
द्वितीय दिवस प्रातःकाल 10 बजे से अभिषेक पूजन एवं सहस्त्रार्चन किया जाएगा, वहीं सायं 4 बजे से तर्पण, हवन एवं महाआरती का आयोजन होगा।
आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बना मंदिर
त्रिदिवसीय प्राकट्य महोत्सव के माध्यम से नरसिंह मंदिर में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का विशेष वातावरण निर्मित हो गया है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं।