
तिरुवनंतपुरम। केरलम में नई सरकार का गठन हो गया है और कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने 10 साल बाद सत्ता में वापसी की है। वी. डी. सतीशन ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में नेता और समर्थक शामिल हुए।

यूडीएफ की शानदार वापसी
केरलम विधानसभा की 140 सीटों में से यूडीएफ ने 102 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। इस जीत के साथ ही राज्य में वाम मोर्चा (एलडीएफ) की सरकार का अंत हो गया और 10 साल बाद सत्ता परिवर्तन हुआ।
वी. डी. सतीशन बने मुख्यमंत्री
कांग्रेस विधायक दल की बैठक में वी. डी. सतीशन को नेता चुना गया, जिसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। सतीशन पहले विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा चुके हैं और अब राज्य की कमान संभाल रहे हैं।
20 सदस्यीय मंत्रिमंडल ने ली शपथ
मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन के साथ 20 सदस्यीय मंत्रिमंडल ने भी शपथ ली। नई कैबिनेट में कई नए चेहरों को मौका दिया गया है, जिसमें महिलाओं और अनुसूचित वर्ग के प्रतिनिधित्व को भी शामिल किया गया है।
शपथ समारोह में दिग्गजों की मौजूदगी
शपथ ग्रहण समारोह में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जन खड़गे सहित कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, केरल के वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक भी मौजूद रहे, जिससे पूरे आयोजन में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
राजनीतिक रूप से ऐतिहासिक बदलाव
यह चुनाव परिणाम इसलिए भी ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि देश में अब कहीं भी वाम दल की सरकार नहीं बची है। केरलम में भी सत्ता परिवर्तन के साथ ही राष्ट्रीय राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है।
नई सरकार के सामने चुनौतियां
नई सरकार के सामने रोजगार, निवेश, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की बड़ी चुनौती होगी। जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना सरकार के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता रहेगी।