
खजुराहो। खजुराहो में अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद महाकौशल प्रांत की प्रांतीय बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। बैठक में राष्ट्र निर्माण में अधिवक्ताओं की भूमिका पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया और संगठन को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।
बैठक में राष्ट्रीय मंत्री विक्रम दुबे ने संगठन की कार्यप्रणाली पर विस्तृत चर्चा करते हुए कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया। पूर्व महामंत्री प्रशांत हरणे ने ‘नॉलेज कलेक्टिव’ आयाम पर प्रकाश डालते हुए प्राचीन न्यायशास्त्र के सिद्धांतों को धर्मग्रंथों के अध्ययन के माध्यम से आधुनिक समय के अनुरूप लागू करने की आवश्यकता बताई। वहीं उप महान्यायवादी सुयश मोहन गुरु ने ‘लिटिगेशन’ आयाम पर चर्चा करते हुए जनहित एवं राष्ट्रहित से जुड़े मामलों में न्याय दृष्टांतों का उल्लेख किया।
राष्ट्रीय नेतृत्व की उपस्थिति में हुआ पुनर्गठन
राष्ट्रीय मंत्री विक्रम दुबे की उपस्थिति और राष्ट्रीय टीम की सहमति एवं निर्देशन में, प्रदीप सिंह सेंगर (मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़) द्वारा विभिन्न जिलों से आए पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति में प्रांत का पुनर्गठन किया गया।
नई कार्यकारिणी की घोषणा
बैठक में सर्वसम्मति से नई प्रांतीय कार्यकारिणी की घोषणा की गई। तेज कुमार मोढ को महाकौशल प्रांत का संरक्षक नियुक्त किया गया। सुनील शर्मा (भोपाल) को प्रांत अध्यक्ष, संतोष कुमार अवधिया (रीवा) को कार्यकारी अध्यक्ष तथा संजय पटेल को प्रांत महामंत्री बनाया गया।
अन्य पदाधिकारियों को भी मिली जिम्मेदारी
इसके अलावा ओम नामदेव (जबलपुर) को प्रांतीय कोषाध्यक्ष, शिवराज कुशवाह (भोपाल) को कार्यालय मंत्री तथा हर्ष तिवारी (सतना) को क्षेत्रीय टोली संगठन आयाम का दायित्व सौंपा गया।
राष्ट्रीय परिषद सदस्यों की नियुक्ति
राष्ट्रीय परिषद सदस्य एवं क्षेत्रीय टोली सदस्य के रूप में अर्जुन सेंधव (सीहोर), मनोज रघुवंशी (भोपाल), आरती द्विवेदी (जबलपुर) और सुनील गुप्ता (जबलपुर) को नई जिम्मेदारियां दी गईं।
जनहित में सक्रिय भूमिका निभाने की अपेक्षा
बैठक के अंत में सभी नव-नियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दी गईं और अपेक्षा व्यक्त की गई कि वे शीघ्र ही संपूर्ण कार्यकारिणी का गठन कर जनहित में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।