
नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026 अब धीरे-धीरे देश के और हिस्सों में अपनी पकड़ मजबूत करता जा रहा है। 11 जून को जारी मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार मानसून कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ और क्षेत्रों तक पहुंच गया है। इसके साथ ही तमिलनाडु और पुडुचेरी के बाकी हिस्सों में भी मानसून सक्रिय हो चुका है।
पूर्वी भारत में भी बढ़ा मानसून का असर
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में मानसून आगे बढ़ चुका है। वहीं पश्चिम बंगाल और बिहार के कुछ इलाकों में भी मानसून की एंट्री हो गई है, जिससे इन क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने लगी हैं।
यहां तक पहुंची मानसून की उत्तरी सीमा
11 जून 2026 की स्थिति के अनुसार मानसून की उत्तरी सीमा हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राद्री कोठागुडेम, कलिंगपट्टनम, रायगंज, मधुबनी होते हुए नेपाल के नजदीकी इलाकों तक पहुंच गई है। इससे साफ है कि मानसून तेजी से उत्तर और पूर्व दिशा की ओर बढ़ रहा है।
अगले 2-3 दिनों में और बढ़ेगा दायरा
मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले 2-3 दिनों में परिस्थितियां और अनुकूल रहने वाली हैं। इसके चलते मानसून महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के बाकी हिस्सों में आगे बढ़ सकता है।
इसके अलावा बंगाल की खाड़ी के और हिस्सों के साथ पश्चिम बंगाल और बिहार में भी मानसून का असर और बढ़ेगा। वहीं छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भी मानसून पहुंचने की संभावना जताई गई है।
कृषि और मौसम के लिए अहम समय
मानसून की यह प्रगति किसानों के लिए राहत भरी खबर मानी जा रही है। खरीफ फसलों की बुवाई के लिए समय पर बारिश जरूरी होती है, ऐसे में मानसून का तेजी से आगे बढ़ना कृषि के लिहाज से अच्छा संकेत है।
लोगों को मिल सकती है गर्मी से राहत
मानसून के आगे बढ़ने के साथ ही कई राज्यों में तापमान में गिरावट और गर्मी से राहत मिलने की संभावना है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश और आंधी के चलते सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।