
पन्ना। पन्ना विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि श्री जुगल किशोर सरकार की महिमा और पन्ना की धार्मिक विरासत को देश-विदेश तक पहुंचाना प्रस्तावित कथा आयोजन का मुख्य उद्देश्य है। वहीं, उन्होंने केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित परिवारों की प्रमुख मांगों को मुख्यमंत्री द्वारा स्वीकार किए जाने को जनहित में बड़ा निर्णय बताते हुए कहा कि इससे सैकड़ों प्रभावित परिवारों को राहत मिलेगी।

धार्मिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का उद्देश्य
बृजेंद्र प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित कथा आयोजन पूरी तरह धार्मिक एवं सांस्कृतिक है, इसका राजनीति से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि पन्ना आज टाइगर रिजर्व और हीरों की नगरी के रूप में प्रसिद्ध है, लेकिन धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में इसकी पहचान को और मजबूत करने की आवश्यकता है। यदि श्री जुगल किशोर सरकार की महिमा का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तो देशभर से श्रद्धालुओं का आगमन बढ़ेगा, जिससे स्थानीय व्यापार, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
संत परंपरा और आध्यात्मिक विरासत का होगा प्रचार-प्रसार
उन्होंने कहा कि कथा के माध्यम से भगवान की लीलाओं के साथ-साथ पन्ना की संत परंपरा, रसिक संतों के जीवन चरित्र और यहां की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत का भी वर्णन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि देशभर से संत-महात्मा इस आयोजन में शामिल होंगे तथा उनकी इच्छा के अनुरूप कथा उसी स्थान पर आयोजित की जा रही है, जहां श्री जुगल किशोर सरकार विराजमान हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन सभी समाजों और सभी राजनीतिक दलों के लोगों के लिए है तथा इसे किसी राजनीतिक दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए।
केन-बेतवा प्रभावितों की मांगों पर सरकार का बड़ा फैसला
बृजेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि केन-बेतवा लिंक परियोजना के प्रभावित परिवारों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार संवाद, बैठकों और शासन स्तर पर प्रयास किए गए। सांसद बीडी शर्मा के माध्यम से प्रभावितों की मांगें मुख्यमंत्री तक पहुंचाई गईं, जिसके बाद सकारात्मक निर्णय लिया गया।
पुनर्वास पैकेज और अवार्ड को लेकर मिली राहत
उन्होंने बताया कि लगभग 70 से 80 प्रभावितों का प्रतिनिधिमंडल शासन स्तर पर मिला था, जहां पुनर्वास पैकेज और अवार्ड से जुड़ी मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। रुन्झ और मड़ियन क्षेत्र के प्रभावितों ने पुनर्वास पैकेज को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 12.50 लाख रुपये किए जाने की मांग रखी थी, जबकि परियोजना के आठ गांवों के प्रभावितों ने वर्ष 2022 के स्थान पर वर्ष 2024 के आधार पर अवार्ड लागू करने की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों के हितों को ध्यान में रखते हुए दोनों प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है।
आस्था और विकास दोनों को मिलेगी नई दिशा
विधायक ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सांसद, प्रशासनिक अधिकारियों एवं पूरी प्रक्रिया में सहयोग करने वाले सभी लोगों का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एक ओर कथा आयोजन से पन्ना की धार्मिक पहचान राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर केन-बेतवा परियोजना से प्रभावित परिवारों के हित में लिए गए निर्णय क्षेत्र के विकास और जनकल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।