
जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था पटरी से उतरती नजर आ रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन परीक्षा कैलेंडर को भी व्यवस्थित नहीं कर पा रहा है, जिससे तय समय पर परीक्षाएं आयोजित नहीं हो रही हैं। विश्वविद्यालय के पोस्ट ग्रेजुएट, ग्रेजुएट, विधि और प्रोफेशनल कोर्स के एग्जाम निर्धारित समय में नहीं हो पा रहे हैं। इससे हजारों विद्यार्थियों का शैक्षणिक सत्र प्रभावित होने की आशंका गहरा गई है। परीक्षा कार्यक्रम में लगातार हो रही देरी से विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों पर छात्र प्रश्नचिह्न लगा रहे हैं।
तय समय में नहीं हो रहीं परीक्षाएं
बीए, बीएससी, बीकॉम, बीबीए, बीबीए (होटल मैनेजमेंट), बीए होम साइंस प्रथम वर्ष, एमए प्रथम सेमेस्टर, एलएलबी द्वितीय, चतुर्थ एवं षष्ठम सेमेस्टर, एमबीए द्वितीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर, एलएलएम द्वितीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर, बीए एलएलबी द्वितीय, चतुर्थ, षष्ठम, अष्टम एवं दशम सेमेस्टर तथा बीए-बीएससी बीएड द्वितीय, चतुर्थ, षष्ठम एवं अष्टम सेमेस्टर की परीक्षाएं अब तक निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित नहीं हो सकी हैं। शैक्षणिक कैलेंडर के मुताबिक इन परीक्षाओं का आयोजन जून तक पूरा हो जाना था और जुलाई में परिणाम भी घोषित किए जाने थे, लेकिन कई पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं अभी तक शुरू नहीं हो पाई हैं।
अगले सत्र और करियर पर पड़ सकता है असर
परीक्षाओं और परिणामों में हो रही देरी का सीधा असर विद्यार्थियों के अगले सेमेस्टर में प्रवेश, उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, छात्रवृत्ति और रोजगार के अवसरों पर पड़ सकता है। लगातार बदलते परीक्षा कार्यक्रम से विद्यार्थी भविष्य की शैक्षणिक योजना भी तय नहीं कर पा रहे हैं।
प्रशासनिक समन्वय पर उठ रहे सवाल
सूत्रों के अनुसार प्रशासनिक समन्वय की कमी और परीक्षा प्रबंधन में प्रभावी योजना के अभाव के कारण यह स्थिति बनी है। परीक्षा नियंत्रक कार्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर भी समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि परीक्षा कार्यक्रम में लगातार बदलाव और विलंब से उनकी पढ़ाई के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी प्रभावित हो रही है।