
जबलपुर। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर श्री सनातन धर्म महासभा के तत्वावधान में नरसिंह मंदिर शास्त्री से विशाल सनातन तिरंगा वाहन रैली निकाली गई। रैली के माध्यम से धर्म और राष्ट्र की एकता एवं अखंडता का संदेश दिया गया। रैली में बड़ी संख्या में मातृशक्ति और युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

भगवा और तिरंगा ध्वज दिखाकर किया रैली का शुभारंभ
सनातन तिरंगा वाहन रैली का शुभारंभ श्रीमद् जगतगुरु डॉ. स्वामी नृसिंहदेवाचार्य जी महाराज, पूज्य संतों तथा श्री सनातन धर्म महासभा के अध्यक्ष श्याम साहनी, गुलशन मखीजा और सुनीता चावला ने भगवा एवं तिरंगा ध्वज दिखाकर किया। इसके साथ ही वाहन रैली आगे बढ़ी।
भारत माता की जीवंत झांकी रही आकर्षण का केंद्र
स्कूटर वाहन रैली में भारत माता की साक्षात जीवंत झांकी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। रैली में शामिल मातृशक्ति और युवा शक्ति ने धर्म और राष्ट्र की अखंडता का संकल्प लिया। इस दौरान धर्म और राष्ट्र से जुड़े नारों से पूरा मार्ग गुंजायमान हो गया।
मातृशक्ति और युवाओं ने लिया सहभागिता
रैली में सैकड़ों की संख्या में मातृशक्ति एवं युवा शक्ति ने भाग लिया। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित इस वाहन रैली में धर्म एवं राष्ट्र की एकता और अखंडता के संदेश को प्रमुखता से सामने रखा गया। रैली में शामिल लोगों में आयोजन को लेकर उत्साह दिखाई दिया।
धर्म और राष्ट्र की एकता का दिया संदेश
सनातन तिरंगा वाहन रैली के दौरान धर्म और राष्ट्र की एकता एवं अखंडता का संदेश दिया गया। रैली में शामिल लोगों ने धर्म और राष्ट्र की अखंडता का संकल्प लेकर आयोजन में सहभागिता की। तिरंगा और भगवा ध्वज के साथ निकली रैली ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के प्रति सम्मान का संदेश दिया।
ये रहे प्रमुख सहभागी
रैली में डॉ. वाणी अहलुवालिया, मनोज शर्मा, लक्की भाटिया, अंशुल मलिक, जितिन नारंग, मुन्ना पांडे, राजेंद्र प्यासी, रत्नेश मिश्रा, प्रवेश खेड़ा, विष्णु पटेल, गीता पाण्डे, कविता दुबे, नेहा जेठा, नंदिता महाजन, सोनल सेठी, वंदना आनंद, नीता नारंग, रश्मि भल्ला, संगीता शर्मा, मीरा दुबे, कौशल सूरी, पवन मारवाह, नितिन भाटिया, विध्येश भापकर और आशीष खुराना सहित सैकड़ों लोगों ने सहभागिता की।
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर निकली इस सनातन तिरंगा वाहन रैली में मातृशक्ति और युवा शक्ति की सहभागिता आयोजन का प्रमुख पक्ष रही। रैली के माध्यम से धर्म और राष्ट्र की एकता एवं अखंडता का संदेश दिया गया।