जबलपुर में मानसून की रफ्तार धीमी, 3 बार ही 1 इंच से ज्यादा बारिश; बरगी बांध से बढ़ी जल निकासी

रवीन्‍द्र सुहाने

जबलपुर। जबलपुर में इस मानसूनी सीजन में अब तक बारिश की रफ्तार सामान्य से कम बनी हुई है। मानसून सीजन के आधे से अधिक दिन गुजरने के बावजूद शहर में केवल तीन दिन ही ऐसे रहे हैं, जब 24 घंटे में एक इंच या उससे अधिक बारिश दर्ज की गई। इस बार 20 अगस्त तक कुल बारिश करीब 465 मिमी दर्ज हुई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 865.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई थी। इस लिहाज से पिछले साल की तुलना में इस बार बारिश लगभग आधी ही हुई है। वहीं सामान्य बारिश के मुकाबले भी आंकड़ा करीब 20 फीसदी कम बताया जा रहा है।

तीन दिन ही हुई एक इंच या उससे अधिक बारिश

मौसम विभाग के देवेंद्र कुमार तिवारी के मुताबिक इस मानसून सीजन में अब तक केवल तीन अवसरों पर 24 घंटे में एक इंच या उससे अधिक बारिश दर्ज की गई है। 9 जुलाई को 26.3 मिमी, 17 अगस्त को 35.8 मिमी और 19 अगस्त को 29.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इनमें 17 अगस्त को हुई बारिश सबसे अधिक रही।

आंकड़ों से साफ है कि मानसून के अब तक के सफर में तेज बारिश वाले दिनों की संख्या बेहद कम रही है। अधिकांश दिनों में हल्की बारिश या रुक-रुककर बारिश होने के कारण कुल बारिश का आंकड़ा अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाया है।

पिछले साल की तुलना में करीब आधी बारिश

20 अगस्त तक जबलपुर में इस मानसून सीजन में करीब 465 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इसके मुकाबले पिछले साल 20 अगस्त तक 865.2 मिमी बारिश हो चुकी थी। यानी पिछले साल की तुलना में इस बार बारिश में करीब 400 मिमी की कमी बनी हुई है। कुल मात्रा की तुलना करें तो इस साल अब तक पिछले साल की इसी अवधि की बारिश का लगभग 54 फीसदी ही पानी दर्ज हुआ है।

मानसून सीजन 1 जून से 30 सितंबर तक माना जाता है और इस अवधि के आधे से अधिक दिन बीत चुके हैं। ऐसे में बारिश की कमी पूरी करने के लिए अब आने वाले सप्ताह काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

बरगी बांध से जल निकासी बढ़ाई गई

बांध के जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए बरगी बांध से गुरुवार को जल निकासी बढ़ाई गई। दोपहर 12 बजे जल की निकासी को 1 हजार 031 क्यूमेक से बढ़ाकर 3 हजार 988 क्यूमेक कर दिया गया। इसके बाद दोपहर 12 बजे से 13 जल द्वार औसतन 2.15 मीटर की ऊंचाई पर खोल दिए गए।

जल निकासी बढ़ाए जाने के साथ ही नर्मदा नदी के जलस्तर में वृद्धि की संभावना है। परियोजना प्रशासन के अनुसार बांध से जल निकासी की मात्रा बढ़ने से मां नर्मदा के घाटों पर पानी का स्तर करीब 8 से 10 फीट तक बढ़ सकता है।

नर्मदा घाटों और तटीय क्षेत्रों में सतर्कता

बरगी बांध से बढ़ाई गई जल निकासी के मद्देनजर नर्मदा नदी के घाटों और तटीय क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। परियोजना प्रशासन ने सर्वसाधारण से मां नर्मदा के घाटों एवं तटीय क्षेत्र से सुरक्षित दूरी बनाए रखने का अनुरोध किया है।

जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए लोगों को नदी के किनारे जाने, गहरे पानी में उतरने और जल प्रवाह के करीब खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से घाटों पर धार्मिक गतिविधियों और अन्य कार्यों के दौरान अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है।

बारिश की कमी के बावजूद मानसून से उम्मीद बाकी

जबलपुर में इस मानसून सीजन में बारिश का आंकड़ा भले ही सामान्य से नीचे चल रहा हो, लेकिन मानसून अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में यदि मानसूनी सिस्टम सक्रिय होते हैं और अच्छी बारिश होती है तो सीजन की बारिश के आंकड़े में सुधार हो सकता है।

मौसम विभाग ने भी आने वाले दिनों में कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में अगले कुछ दिन जबलपुर के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे। यदि इस अवधि में अच्छी और व्यापक बारिश होती है तो न केवल बारिश की कमी कुछ कम हो सकती है, बल्कि बरगी बांध और नर्मदा के जलस्तर पर भी इसका असर दिखाई दे सकता है।

मानसून के अंतिम चरण में अच्छी बारिश की जरूरत

इस बार मानसून के शुरुआती और मध्य दौर में बारिश का वितरण अपेक्षाकृत कमजोर रहा है। 20 अगस्त तक केवल तीन दिन एक इंच या उससे अधिक बारिश होना इसका संकेत है। अब मानसून सीजन के शेष दिनों में अच्छी बारिश होना जरूरी है, ताकि सामान्य बारिश के आंकड़े के करीब पहुंचा जा सके।

फिलहाल जबलपुर में एक तरफ बारिश की कमी चिंता का विषय बनी हुई है, तो दूसरी तरफ बरगी बांध से बढ़ाई गई जल निकासी के कारण नर्मदा के बढ़ते जलस्तर को लेकर सतर्कता जरूरी हो गई है। आने वाले दिनों में बारिश और मानसूनी सिस्टम की सक्रियता पर सभी की नजर रहेगी।

Back to top button