13 वर्षीय शाश्वत सिंह राजपूत की पुस्तक ‘Chasing the Unknown’ का भव्य लोकार्पण

कम उम्र में लेखन के क्षेत्र में बनाई अलग पहचान, विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिभा का प्रदर्शन

जबलपुर। शहर में आयोजित भव्य पुस्तक लोकार्पण समारोह में 13 वर्षीय प्रतिभाशाली लेखक शाश्वत सिंह राजपूत की पुस्तक ‘Chasing the Unknown’ का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में शहर के शिक्षा, साहित्य एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शहर के प्रथम नागरिक महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू रहे। समारोह में विशिष्ट अतिथि विनोद कुमार दिनेश्वर, प्रांत प्रचार प्रमुख, महाकौशल प्रांत, डॉ. रिचा शर्मा, आईएमए प्रेसिडेंट एवं सुप्रिटेंडेंट, मेडिकल कॉलेज, जबलपुर तथा नीनू मेबिन, को-ओनर एवं डायरेक्टर, जॉय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, जबलपुर उपस्थित रहीं।

दीप प्रज्ज्वलन से हुआ समारोह का शुभारंभ

समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। इसके बाद अतिथियों का स्वागत स्मृति चिह्न एवं शॉल भेंट कर किया गया। कार्यक्रम में लेखक शाश्वत सिंह राजपूत का परिचय एवं उनकी उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया।

13 वर्षीय शाश्वत ने छोटी उम्र में ही अपनी प्रतिभा से अलग पहचान बनाई है। उन्होंने भाषण, गीत, पेंटिंग, मैथ्स ओलंपियाड और खेलकूद सहित विभिन्न क्षेत्रों में हिस्सा लेकर उपलब्धियां हासिल की हैं। उनकी प्रतिभा को समय-समय पर समाचार पत्रों में भी स्थान मिलता रहा है।

कविता लेखन से शुरू हुआ सफर पुस्तक तक पहुंचा

शाश्वत ने छोटी उम्र में ही कविता लेखन शुरू किया। छोटी-छोटी कविताओं से शुरू हुआ उनका यह सफर अब एक पूरी पुस्तक के रूप में सामने आया है। ‘Chasing the Unknown’ उनकी रचनात्मक सोच, कल्पनाशीलता और अज्ञात को जानने की जिज्ञासा को दर्शाती है।

कार्यक्रम में मास्टर शाश्वत ने स्वयं अपनी पुस्तक का परिचय प्रस्तुत किया। इसके पश्चात अतिथियों द्वारा पुस्तक का लोकार्पण किया गया। अतिथियों ने युवा लेखक की उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि 13 वर्ष की उम्र में पुस्तक लिखना अन्य बच्चों और युवाओं के लिए प्रेरणादायी है।

प्रतिभा को प्रोत्साहन देना जरूरी

अतिथियों ने अपने उद्बोधन में कहा कि बच्चों की प्रतिभा को उचित मंच और प्रोत्साहन मिलना आवश्यक है। शाश्वत की उपलब्धि यह संदेश देती है कि उम्र प्रतिभा और सपनों की राह में बाधा नहीं है। निरंतर प्रयास, लगन और परिवार व समाज के सहयोग से बच्चे कम उम्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।

समारोह के दौरान शाश्वत के बचपन से लेकर अभी तक की छोटी-छोटी सफलताओं को एक वीडियो क्लिप के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। इसके बाद अतिथियों के उद्बोधन, आभार प्रदर्शन तथा पुस्तक हस्ताक्षर सत्र का आयोजन हुआ। उपस्थित लोगों ने युवा लेखक को उनकी पुस्तक के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

परिजनों ने बढ़ाया उत्साह

‘Chasing the Unknown’ का प्रकाशन युवा प्रतिभाओं को साहित्य और रचनात्मक लेखन की ओर प्रेरित करने वाली एक उल्लेखनीय पहल के रूप में देखा जा रहा है। कार्यक्रम में शाश्वत के पिता शैलेन्द्र सिंह राजपूत, माता भावना राजपूत, दादा जी श्री तीरथ सिंह राजपूत, दादी देवकी राजपूत, चाचा सुजीत सिंह राजपूत, अखिलेश, रश्मि, रंजना, सावित्री राजपूत आदि उपस्थित रहे।

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