विश्व समुदाय को भारत का अमूल्य उपहार है योग: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

योगमय हुआ मध्यप्रदेश, 5000 साधकों ने किया योगाभ्यास

जबलपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि हम भारत की उस महान योग परंपरा का उत्सव मना रहे हैं, जिसने मानवता को स्वस्थ, संतुलित और सार्थक जीवन का मार्ग प्रदान किया है। योग विश्व समुदाय को हमारी सांस्कृतिक धरोहर का एक अनमोल उपहार है। यह हमारे ऋषि-मुनियों की हजारों वर्षों की साधना का परिणाम है।

जिस भारतभूमि ने पूरे विश्व को योग का अमूल्य ज्ञान प्रदान किया, आज उसी पावन धरती से स्वास्थ्य, संतुलन, शांति और आत्मकल्याण का संदेश पुनः समस्त विश्व में प्रसारित किया जा रहा है। “योग स्वस्थ आयु के लिए” थीम पर राष्ट्रीय स्तरीय कार्यक्रम कोलकाता में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मुख्य आतिथ्य में आयोजित किया गया। साथ ही राज्य स्तरीय कार्यक्रम महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के मुख्य आतिथ्य में जबलपुर के गैरीसन ग्राउंड में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कोलकाता से आयोजित कार्यक्रम का लोगों ने सजीव प्रसारण देखा और सुना।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति

कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उपमुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, राज्यसभा सांसद सुमित्रा वाल्मीकि, सांसद आशीष दुबे, विधायक अजय विष्णोई, अशोक रोहाणी, सुशील तिवारी इंदु, डॉ. अभिलाष पांडे, नीरज सिंह, संतोष बरकड़े, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, मुख्य सचिव अनुराग जैन, मध्यप्रदेश तीर्थ क्षेत्र एवं मेला प्राधिकरण अध्यक्ष विनोद गोंटिया, भाजपा नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, भाजपा ग्रामीण अध्यक्ष राजकुमार पटेल, भाजपा प्रदेश कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन, प्रदेश महिला भाजपा अध्यक्ष अश्विनी परांजपे, नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज, संभागायुक्त धनंजय सिंह, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी तथा लगभग 5 हजार योग साधकों ने सहभागिता कर सामूहिक योगाभ्यास किया।

योग का महत्व और संदेश

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नागरिकों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हमारे शास्त्रों में शरीर, मन और आत्मा के संतुलन को जीवन की सफलता का आधार माना गया है। योग उसी संतुलन को स्थापित करने का मार्ग है। ‘योग’ शब्द का अर्थ है जोड़ना — व्यक्ति को स्वयं से, समाज को प्रकृति से और संपूर्ण मानवता को व्यापक विश्व चेतना से जोड़ना।

योग एक सशक्त माध्यम है, जो हमें आंतरिक शांति, संतुलन और सामूहिक कल्याण की दिशा में आगे बढ़ाता है। आज जब विश्व अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब योग मानवता को शांति, संतुलन, समरसता और सामूहिक कल्याण का मार्ग दिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की पृष्ठभूमि

वर्ष 2014 में भारत की पहल पर संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रतिवर्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की। इस पहल से योग को विश्व कल्याण के एक सशक्त माध्यम के रूप में नई पहचान और व्यापक स्वीकार्यता मिली है। आज दुनिया के अनेक देशों में करोड़ों लोग योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना रहे हैं। योग अब जीवनशैली का अंग बनता जा रहा है। विदेशों में भी योग के प्रति लोगों का आकर्षण निरंतर बढ़ रहा है और यह भारत की सांस्कृतिक शक्ति का प्रेरक उदाहरण है।

थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग”

राष्ट्रपति ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” है। यह थीम समाज के वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य, सक्रियता, आत्मनिर्भरता और गरिमापूर्ण जीवन में योग की उपयोगिता को रेखांकित करती है। योग बढ़ती आयु में भी व्यक्ति को स्वस्थ, सक्रिय और आत्मनिर्भर बनाए रखने में बहुत सहायक है।

स्वास्थ्य के लिए योग

योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मन को शांति और भावनात्मक संतुलन प्रदान करता है। आज की व्यस्त जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां हमारे सामने एक बड़ी चुनौती हैं। इनकी रोकथाम और समग्र स्वास्थ्य के लिए योग एक सरल, प्रभावी और सुलभ उपाय है।

योग को जन-जन तक पहुंचाने के प्रयास

यह प्रसन्नता का विषय है कि भारत सरकार योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए योग शिक्षा, अनुसंधान, प्रशिक्षण और जन-जागरूकता के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। सामूहिक प्रयासों से योग जन-जन तक पहुंचेगा और सामूहिक मानवता के कल्याण का आधार बनेगा। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सभी नागरिकों को योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संकल्प दिलाया।

राज्यपाल का संदेश

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ बनाने का माध्यम ही नहीं, बल्कि यह संपूर्ण जीवन को संतुलित, सरल और आनंदमयी बनाने की पद्धति है। उन्होंने कहा कि रोजाना 20 से 30 मिनट का योगाभ्यास जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

मुख्यमंत्री का वक्तव्य

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस दुनियाभर में उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि योग वैश्विक शांति और मानव कल्याण का सशक्त माध्यम है और भारत ने इसे विश्व को उपहार के रूप में दिया है।

कार्यक्रम का समापन

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु तथा राज्यपाल श्री पटेल को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में प्रतीक चिन्ह भेंट किया। कार्यक्रम की शुरुआत और समापन राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ।

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