
जबलपुर। उच्च शिक्षा विभाग से संबंधित लंबित मांगों को लेकर प्रांतीय शासकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ की जबलपुर संभाग एवं जिला इकाई ने शनिवार को उत्तर-मध्य विधानसभा के विधायक डा. अभिलाष पांडे को ज्ञापन सौंपा। संघ ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण कई वर्षों से लंबित मामलों का समाधान नहीं हो रहा है, जिससे प्रदेशभर के शासकीय महाविद्यालयों में कार्यरत प्राध्यापक, क्रीड़ा अधिकारी और ग्रंथपाल प्रभावित हैं।
संघ ने रखीं प्रमुख मांगें
संभागीय अध्यक्ष प्रो. अरुण शुक्ल ने बताया कि संघ ने परिवीक्षा अवधि शीघ्र समाप्त करने, क्रीड़ा अधिकारियों एवं ग्रंथपालों को यूजीसी प्रावधानों के अनुरूप सहायक प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक और प्राध्यापक का पदनाम देने, उनकी सेवानिवृत्ति आयु 62 से बढ़ाकर 65 वर्ष करने, सेवानिवृत्त शिक्षकों की पेंशन, वेतन निर्धारण, अर्जित अवकाश और समूह बीमा भुगतान में तेजी लाने तथा शासन द्वारा किए गए डिप्लॉयमेंट को समाप्त करने की मांग उठाई है।
आठ माह से वेतन नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया
संघ ने यह भी कहा कि मैपिंग प्रक्रिया पूरी नहीं होने से नव नियुक्त सहायक प्राध्यापकों को पिछले आठ माह से वेतन नहीं मिला है। ज्ञापन में इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए तत्काल समाधान की मांग की गई। विधायक डा. अभिलाष पांडे ने संघ के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि वे इन मांगों को शासन स्तर पर प्रमुखता से उठाएंगे और संबंधित मंत्री से चर्चा कर शीघ्र निराकरण का प्रयास करेंगे।
ये रहे उपस्थित
ज्ञापन सौंपने के दौरान डा. रविश तमन्ना ताजिर, डा. जागेश्वर प्रजापति, डा. बलीराम अहिरवार, डा. शिवनारायण परते, डा. पुनीत मरवाह, डा. बीएल मार्को, डॉ. कृष्ण कुमार पांडे, डा. इन्द्रसिंह बरकड़े, डा. मो. मुस्तकीम रजा सहित बड़ी संख्या में प्राध्यापक उपस्थित रहे।