
जबलपुर। श्रावण मास के चतुर्थ मंगलवार पर संस्कारधानी जबलपुर के मध्य विराजमान मराठा कालीन श्री बड़े महावीर जी का ताड़ पत्र से श्रृंगार पं. आशीष पुजारी एवं शोभित पुजारी ने किया।
वैदिक लोकाचार में ताड़ पत्र का विशेष महत्व
वैदिक लोकाचार में ताड़ पत्र का बहुत महत्व है। संपूर्ण वेद, उपनिषद, पुराण और हिन्दू धर्म ग्रंथों की रचना ताड़ पत्र में ही हुई है। हनुमान जी महाराज के रोम-रोम में राम नाम अंकित है।
श्रावण मंगलवार पर किया गया विशेष श्रृंगार
जबलपुर में श्रावण मास में भगवान शिव के पूजन-अर्चन एवं श्रृंगार के साथ ही 12वें रुद्र अवतार हनुमान जी महाराज के श्रीविग्रह को सिंदूर और चमेली तेल का चोला चढ़ाकर श्रावण मास के प्रत्येक मंगलवार को अलग-अलग श्रृंगार किया जाता है। इस अवसर पर गुलाल, मोर पंख एवं 1008 तुलसी दल से भी श्रृंगार किया गया।
भक्तों ने किया हनुमान चालीसा का पाठ
श्रद्धालु भक्तों ने दर्शन कर हनुमान चालीसा पाठ, संकटमोचन हनुमानाष्टक और बजरंग बाण का पाठ किया। श्रद्धालुओं ने जबलपुर के सभी भक्तों के सदा स्वस्थ, निरोगी एवं दीर्घायु होने की कामना करते हुए बड़े महावीर स्वामी प्रभु से प्रार्थना की।