रेलवे में नई सुविधा: 4 नहीं अब 8 घंटा पहले बनेगा रेलवे रिजर्वेशन चार्ट

जबलपुर। यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने रिजर्वेशन चार्ट बनाने की समय-सीमा में बड़ा बदलाव किया है। अब ट्रेनों का आरक्षण चार्ट ट्रेन के प्रस्थान समय से 8 घंटे पहले तैयार कर दिया जाएगा। पश्चिम मध्य रेलवे के सभी मंडलों में यह नई व्यवस्था 15-16 जुलाई की मध्य रात्रि से लागू की जा रही है।

पहले 4 घंटे पहले बनता था चार्ट

अभी तक ट्रेन के प्रस्थान से चार घंटे पहले रिजर्वेशन चार्ट जारी किया जाता था। यात्रियों को अंतिम समय तक टिकट की स्थिति की जानकारी नहीं मिलती थी, जिससे उनकी यात्रा की योजना बनाना कठिन हो जाता था।

नई व्यवस्था के तहत 16 जुलाई को सुबह 8 बजे रवाना होने वाली ट्रेनों का चार्ट 15-16 जुलाई की रात 12 बजे ही जारी हो जाएगा। इससे यात्रियों को समय रहते अपनी यात्रा की स्थिति पता चल सकेगी।

यात्रियों को कन्फर्मेशन की सुविधा

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक इस बदलाव से यात्रियों को टिकट कन्फर्मेशन की स्थिति पहले ही पता चल जाएगी। इससे उन्हें यात्रा की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी।

रेलवे के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (सीनियर DCM) मधुर वर्मा ने बताया:

“रिजर्वेशन चार्ट अब 8 घंटे पहले जारी होगा। इससे यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी।”

वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को राहत

नई व्यवस्था खासकर वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों के लिए राहत लेकर आई है। पहले कई बार दूर-दराज से आने वाले यात्रियों को चार्ट बनने तक अपनी सीट की स्थिति का पता नहीं चलता था। ऐसे में उन्हें 5-6 घंटे पहले स्टेशन के लिए निकलना पड़ता था और कई बार स्टेशन पहुंचने के बाद ही पता चलता था कि टिकट कन्फर्म नहीं हुआ।

अब चार्ट 8 घंटे पहले जारी होने से उन्हें पहले ही स्थिति साफ हो जाएगी और वे वैकल्पिक यात्रा की योजना भी बना सकेंगे।

रेलवे बोर्ड ने 1 जुलाई से किया था बदलाव

रेलवे बोर्ड ने यह नियम पूरे देश में 1 जुलाई से लागू किया था। पश्चिम मध्य रेलवे ने इसे 15-16 जुलाई की मध्यरात्रि से अपने मंडलों में लागू करने का निर्णय लिया है। जबलपुर मंडल सहित सभी मंडलों में यह सुविधा यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करेगी।

यात्रियों को होंगे ये फायदे

  • ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले टिकट स्थिति स्पष्ट।
  • यात्रा की योजना समय रहते बनाने में आसानी।
  • वेटिंग लिस्ट यात्रियों को वैकल्पिक विकल्प सोचने का समय।
  • स्टेशन पर अनावश्यक भीड़ और असुविधा में कमी।

रेलवे का यह कदम यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि उनकी यात्रा पहले से अधिक सुविधाजनक और सुगम हो सके।