
काठमांडू। नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ ने सीमावर्ती इलाकों में अफरा-तफरी मचा दी। भोटेकोशी नदी में तेजी से बढ़े पानी ने तिमुरे और आसपास के क्षेत्रों को प्रभावित किया है। बाजार, सड़क, पुल, सुरक्षा चौकियां और जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़े ढांचे भी बाढ़ की चपेट में आए हैं। कई वाहन तेज बहाव में बहने की सूचना है।
बताया जा रहा है कि बाढ़ का पानी बेहद तेजी से बढ़ा, जिसके कारण लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का पर्याप्त समय नहीं मिला। रसुवा के सीमा क्षेत्र में स्थित कस्टम परिसर को भी नुकसान पहुंचा है। यहां खड़े कई वाहन और अन्य सामान पानी के बहाव में बह गए।
तीन पुलिस इकाइयां भी प्रभावित
अचानक आई बाढ़ से सुरक्षा व्यवस्था पर भी असर पड़ा है। टिमुरे, स्याफ्रुबेसी और रसुवागढ़ी क्षेत्र में पुलिस से जुड़े कुछ ठिकानों को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षाबलों को राहत और खोज अभियान के लिए लगाया गया है।
जलविद्युत परियोजनाओं पर भी संकट
बाढ़ ने रसुवा में चल रही जलविद्युत परियोजनाओं को भी प्रभावित किया है। नदी के किनारे स्थित परियोजना परिसरों में पानी घुसने और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की खबर है। प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाने की है।
पांच जिलों में नदी किनारे रहने वालों को चेतावनी
भोटेकोशी और त्रिशूली नदी में पानी बढ़ने की आशंका को देखते हुए रसुवा के अलावा नुवाकोट, धादिंग, गोरखा और चितवन के नदी किनारे वाले क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई गई है। लोगों को नदी से दूरी बनाए रखने और खतरे वाले इलाकों से सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की सलाह दी गई है।
प्रशासन और सुरक्षा एजेंसी राहत अभियान में जुटे
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर रख रही हैं। नेपाल सरकार ने भी आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को सक्रिय करते हुए बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।
सड़क संपर्क भी प्रभावित
बाढ़ के कारण कई प्रमुख मार्गों पर आवाजाही प्रभावित हुई है। संभावित खतरे को देखते हुए कुछ मार्गों पर वाहनों की आवाजाही रोकने का निर्णय लिया गया है। इससे रसुवा और आसपास के क्षेत्रों का संपर्क प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने लोगों से फिलहाल अनावश्यक यात्रा नहीं करने की अपील की है।
फिलहाल राहत और बचाव दल प्रभावित इलाकों में स्थिति का आकलन कर रहे हैं। बाढ़ से हुए कुल नुकसान और प्रभावित लोगों की संख्या को लेकर प्रशासन की विस्तृत जानकारी का इंतजार है। अधिकारियों ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से लगातार सतर्क रहने और सरकारी निर्देशों का पालन करने को कहा है।