
जबलपुर। महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान, भोपाल के तत्वावधान में दिनांक 25 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक श्री रामचंद्र वेद-वेदांग विद्यापीठ, गीताधाम, जबलपुर में संस्कृत सप्ताह का आयोजन हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ किया जा रहा है।
विद्यार्थियों ने संस्कृत में किया अभिवादन
संस्कृत सप्ताह के प्रथम दिवस पर विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों की गौरवशाली परंपरा को जीवंत करते हुए एक-दूसरे को तिलक लगाकर अभिवादन किया गया। विद्यार्थियों ने संस्कृत भाषा में परस्पर अभिवादन कर संस्कृत के प्रति अपने प्रेम, सम्मान एवं रुचि का परिचय दिया।
संरक्षक एवं प्राचार्य के सानिध्य में आयोजन
यह कार्यक्रम संस्था के संरक्षक एवं परमाध्यक्ष डॉ. स्वामी नृसिंहदेवाचार्य जी महाराज एवं विद्यालय के प्राचार्य श्री रामफल शास्त्रीजी के सानिध्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर विद्यार्थियों को संस्कृत भाषा के महत्व तथा भारतीय संस्कृति में उसके विशेष योगदान के बारे में जानकारी दी गई।
भारतीय ज्ञान परंपरा की आधारशिला है संस्कृत
संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध ज्ञान-परंपरा, संस्कृति, संस्कार एवं आध्यात्मिक विरासत की आधारशिला है। वेद, उपनिषद, पुराण, रामायण, महाभारत सहित भारतीय ज्ञान-विज्ञान का विशाल भंडार संस्कृत भाषा में उपलब्ध है। संस्कृत सप्ताह का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में संस्कृत भाषा के प्रति रुचि एवं प्रेम जागृत करना तथा उन्हें अपनी गौरवशाली संस्कृति और संस्कारों से जोड़ना है।
सप्ताहभर होंगी विभिन्न गतिविधियां
सप्ताहभर विद्यालय में विभिन्न संस्कृत आधारित गतिविधियों, श्लोक-पाठ, संस्कृत संवाद, अभिवादन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में संस्कृत भाषा के प्रयोग के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।
प्रथम दिवस रहा प्रेरणादायी
प्रथम दिवस का आयोजन विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से प्रेरणादायी रहा। तिलक लगाकर एक-दूसरे का अभिवादन करने के माध्यम से विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति की आत्मीयता, सम्मान एवं संस्कारों का सुंदर संदेश दिया।