गुरु पूर्णिमा पर आर्ट ऑफ लिविंग ज्ञान क्षेत्र में गुरु पूजन, साधकों ने की सुदर्शन क्रिया

जबलपुर। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर मदन महल स्थित आर्ट ऑफ लिविंग के ज्ञान क्षेत्र में गुरु पूजन का विशेष आयोजन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच किया गया। गुरु के प्रति कृतज्ञता और समर्पण व्यक्त करने के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साधकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। पूरे परिसर में गुरु भक्ति और साधना का वातावरण बना रहा।

गुरु पूजन में बड़ी संख्या में शामिल हुए साधक

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर ज्ञान क्षेत्र में आयोजित गुरु पूजन में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से साधक पहुंचे। साधकों ने श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ गुरु चरणों में अपनी कृतज्ञता अर्पित की। कार्यक्रम के दौरान गुरु के प्रति समर्पण, साधना और सेवा के भाव को विशेष रूप से महत्व दिया गया।

गुरु पूर्णिमा भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में गुरु के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है। इसी भावना के साथ आर्ट ऑफ लिविंग के ज्ञान क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में साधकों ने गुरु के मार्गदर्शन को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया।

गुरुदेव की आवाज में हुई पवित्र सुदर्शन क्रिया

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण गुरुदेव की आवाज में कराई गई पवित्र सुदर्शन क्रिया रही। बड़ी संख्या में साधकों ने एकाग्रता एवं श्रद्धा के साथ सुदर्शन क्रिया का अभ्यास किया। साधकों ने कहा कि नियमित साधना मन को शांत करने के साथ जीवन में सकारात्मकता, सहजता और संतुलन का अनुभव कराती है।

सुदर्शन क्रिया के दौरान ज्ञान क्षेत्र का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। साधकों ने ध्यान, श्वास और साधना के माध्यम से स्वयं को भीतर से जोड़ने का अनुभव किया। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर हुई यह साधना उपस्थित साधकों के लिए विशेष आध्यात्मिक अनुभव का अवसर बनी।

गुरु पूर्णिमा कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन

इस अवसर पर आर्ट ऑफ लिविंग के शिक्षकों ने गुरु पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन है। गुरु हमारे जीवन में ज्ञान, साधना और सही दिशा का मार्ग प्रशस्त करते हैं। गुरु के सान्निध्य और मार्गदर्शन से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की यात्रा आगे बढ़ती है।

शिक्षकों ने कहा कि जीवन में ज्ञान और साधना के साथ सेवा एवं सत्संग का भी विशेष महत्व है। गुरु के प्रति सच्ची कृतज्ञता तभी सार्थक होती है, जब उनके बताए मार्ग पर चलते हुए हम अपने जीवन में सकारात्मकता लाएं और समाज के लिए भी उपयोगी बनें।

साधकों के लिए प्रसादम की व्यवस्था

गुरु पूजन और सुदर्शन क्रिया के बाद सभी साधकों के लिए प्रसादम की व्यवस्था की गई। साधकों ने प्रसाद ग्रहण कर कार्यक्रम का आध्यात्मिक एवं सामूहिक आनंद लिया। आयोजन के दौरान पूरे ज्ञान क्षेत्र में अनुशासन, श्रद्धा और आत्मीयता का वातावरण बना रहा।

गुरु पूर्णिमा पर साधकों ने लिया साधना का संकल्प

गुरु पूर्णिमा के इस आयोजन ने साधकों को गुरु के प्रति अपनी श्रद्धा को और गहरा करने के साथ साधना, सेवा और सत्संग के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। बड़ी संख्या में साधकों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष बना दिया। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित गुरु पूजन एवं सुदर्शन क्रिया के साथ ज्ञान क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण देर तक बना रहा। शाम को यहां सत्‍संग का आयोजन किया गया।

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