अवैध भ्रूण परीक्षण मामले में तीन सोनोग्राफी सेंटरों का लाइसेंस रद्द

जबलपुर। अवैध भ्रूण परीक्षण मामले में तीन सोनोग्राफी सेंटरों का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। मालवीय चौक के पास स्थित आरके डिजिटल एक्सरे सोनोग्राफी कलर डॉप्लर सेंटर और रविंद्र नगर अधारताल स्थित सरल सोनोग्राफी एक्सरे एवं पैथोलॉजी सेंटर को सील कर दिया गया है।

स्वास्थ्य विभाग ने पीसीपीएनडीटी एक्ट 1994 के उल्लंघन को देखते हुए तीनों सोनोग्राफी सेंटर्स का लाइसेंस रद्द कर दिया। वहीं इन सेंटरों में किसी भी प्रकार की सोनोग्राफी व अन्य पंजीयन के संचालन पर रोक लगा दी है। इसके पहले संचालकों के विरुद्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया।

पुलिस ने मंगलवार को डॉ. सतीश अग्रवाल, डॉ. राजेंद्र अग्रवाल और महिला एजेंट डॉली जायसवाल उर्फ खुशी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था। बुधवार को दोनों डॉक्टरों को गिरफ्तार किया गया था, जिन्हें बाद में जमानत मिल गई। गुरुवार को डॉली स्वयं ओमती थाने पहुंची, जहां पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की। उसके बयान दर्ज करने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने उसे भी जमानत पर रिहा कर दिया।

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होम्योपैथी डॉक्टर करते मिले एलोपैथी ट्रीटमेंट, क्लीनिक सील

स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करके एक क्लीनिक सील किया, जहां होम्योपैथी डॉक्टर एलोपैथी उपचार कर रहे थे। एसडीएम पंकज मिश्रा के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित संदिग्ध क्लीनिकों और चिकित्सा केंद्रों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान गोहलपुर क्षेत्र स्थित शाहीन दवाखाना में होम्योपैथी चिकित्सक शाहीन मोहम्मद खान मरीजों का एलोपैथी दवाओं से उपचार करते पाए गए।

अधिकारियों के अनुसार उनके पास एलोपैथी चिकित्सा करने की वैध योग्यता नहीं थी। इसी तरह हनुमानताल क्षेत्र स्थित रहमानी शिफाखाना क्लीनिक की जांच में संचालक निसार अंसारी के पास एलोपैथिक चिकित्सा की डिग्री नहीं होने के बाद भी मरीजों का एलोपैथिक उपचार कर रहे थे। जांच के दौरान दोनों संस्थानों से एलोपैथिक दवाएं एवं उपचार संबंधी सामग्री बरामद की गई। निरीक्षण दलों ने आवश्यक दस्तावेजों का परीक्षण किया। दोनों क्लीनिकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई में दवाओं का सैंपल जब्त करते हुए अगली कार्रवाई तक क्लीनिकों को तत्काल प्रभाव से सील कर बंद कर दिया गया है। जांच में तहसीलदार अधारताल वीर बहादुर धुर्वे, शासकीय चिकित्सक डॉ. शत्रुघ्न दाहिया एवं डॉ. केके वर्मा व हनुमानताल थाने से पुलिस शामिल थी।

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