
जबलपुर। साइबर फ्रॉड से बचने के लिए जागरूकता बेहद जरूरी है। यदि आप सतर्क नहीं हैं तो आसानी से साइबर ठगों का शिकार हो सकते हैं। जबलपुर में साइबर ठगी के दो अलग-अलग मामलों का खुलासा हुआ है। पहले मामले में तिलवारा थाना क्षेत्र में रहने वाली एक छात्रा को टास्क पूरा करने पर कमीशन मिलने का झांसा देकर करीब दो लाख रुपये की ठगी कर ली गई। वहीं दूसरे मामले में महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान में संचालित साइबर ठगी के नेटवर्क द्वारा जबलपुर के बैंक खातों का उपयोग कर रकम ट्रांसफर किए जाने का खुलासा हुआ है।
पहला केस: टेलीग्राम पर टास्क का झांसा देकर दो लाख रुपये की ठगी
पुलिस के अनुसार छात्रा कीर्ति जैन ने शिकायत दर्ज कराई कि उसके टेलीग्राम अकाउंट पर एक संदेश आया, जिसमें टास्क पूरा करने पर कमीशन देने का दावा किया गया था। शुरुआत में उसने टास्क पूरा किया तो उसे पांच हजार रुपये का भुगतान भी किया गया। इसके बाद अधिक कमाई का लालच देकर रिव्यू देने के नाम पर उससे एक लाख 95 हजार रुपये अलग-अलग माध्यमों से जमा करा लिए गए। जब ठगों ने उससे और अधिक रकम की मांग की तो उसे साइबर ठगी का संदेह हुआ। इसके बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर साइबर ठगों की तलाश शुरू कर दी है।
दूसरा केस: पड़ोसी राज्यों से जबलपुर के खातों में ट्रांसफर हुई साइबर ठगी की रकम
दूसरे मामले में महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान से संचालित साइबर ठगी के नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें ठगी की रकम जबलपुर के बैंक खातों में ट्रांसफर की जा रही थी। बेलबाग पुलिस ने अधारताल के कंचनपुर निवासी सौरभ रजक को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से विभिन्न बैंकों के 10 एटीएम कार्ड और 20 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। पूछताछ के आधार पर उसकी गैंग के दो अन्य साथियों रामपुर मांडवा बस्ती निवासी रोहित और नितिन को भी आरोपी बनाया गया है।
पुलिस के अनुसार बेलबाग तिराहे पर वाहन जांच के दौरान बिना नंबर की मोपेड पर सवार सौरभ रजक को रोका गया। तलाशी लेने पर उसके पास से विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड बरामद हुए। मोबाइल फोन की जांच में व्हाट्सएप चैट से कई बारकोड, पैन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक खातों की जानकारी, लॉगिन आईडी, पासवर्ड तथा पासबुक संबंधी दस्तावेज साझा किए जाने के प्रमाण मिले।
तीन आरोपियों पर धोखाधड़ी और आपराधिक षड़यंत्र का मामला दर्ज
जांच के बाद पुलिस ने सौरभ रजक, रोहित तथा नितिन एवं “3333” नाम से संचालित सोशल मीडिया अकाउंट धारक के विरुद्ध मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने षड़यंत्र के तहत लोगों के बैंक खाते खुलवाकर उनके एटीएम कार्ड और बैंकिंग विवरण प्राप्त किए तथा उन्हें बेचकर अवैध लाभ कमाया। पुलिस ने सौरभ रजक को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि फरार दो आरोपियों एवं गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। साइबर ठगों के पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।