VIDEO: लू लगने से बीमार हुए भगवान जगन्नाथ, 15 दिन बंद रहेंगे मंदिर के पट

राकेश कुमार शर्मा

पन्ना। धार्मिक मंदिरों की नगरी पन्ना में भगवान जगन्नाथ स्वामी की परंपरागत स्नान यात्रा सोमवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुई। मान्यता के अनुसार पवित्र तीर्थों के सुगंधित जल से महाभिषेक के बाद भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा को ‘अनसर’ (ज्वर) हो गया है। इसी धार्मिक परंपरा के तहत अब मंदिर के कपाट अगले 15 दिनों तक श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेंगे। इस अवधि में केवल मंदिर के पुजारी ही भगवान की विशेष सेवा एवं उपचार करेंगे।

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ महाभिषेक

सुबह 9 बजे बड़ा दीवाला स्थित श्री जगदीश स्वामी मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान का महाभिषेक किया गया। पन्ना नरेश छत्रसाल द्वितीय एवं राजपरिवार के सदस्य, मंदिर समिति, पुजारियों तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति में भगवान को गर्भगृह से मंदिर परिसर स्थित लघु मंदिर तक पारंपरिक शोभायात्रा के रूप में लाया गया। बैंड-बाजों और आतिशबाजी के साथ भगवान का स्वागत किया गया तथा हजार छिद्र वाले पारंपरिक मिट्टी के कलश से उनका अभिषेक किया गया।

सफेद वस्त्र धारण कर शुरू हुआ ‘अनसर’ काल

स्नान के बाद धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान को लू लगने से ज्वर हो गया। इसके बाद भगवान को सफेद वस्त्र धारण कराए गए और विशेष आरती के उपरांत पुनः गर्भगृह में विराजमान कराया गया। अब 15 दिनों तक भगवान विश्राम करेंगे तथा श्रद्धालुओं को प्रत्यक्ष दर्शन नहीं होंगे।

श्रद्धालुओं में वितरित किए गए पवित्र घट

कार्यक्रम के समापन पर वर्षों पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए महाभिषेक में उपयोग किए गए मिट्टी के पवित्र घट श्रद्धालुओं में वितरित किए गए। श्रद्धालु इन्हें अपने घर ले जाकर पूजा स्थल में स्थापित करते हैं और वर्षभर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।

आगामी धार्मिक कार्यक्रम

14 जुलाई : भगवान को पथ्य प्रसाद अर्पित किया जाएगा।

15 जुलाई : धूप-घर झांकी एवं धूप-कपूर आरती का आयोजन होगा। इस दिन श्रद्धालु जालीदार पर्दे से भगवान के दर्शन कर सकेंगे।

16 जुलाई : पन्ना नगर में भगवान जगदीश स्वामी की ऐतिहासिक एवं भव्य रथयात्रा निकलेगी। बैंड-बाजों, भजन-कीर्तन, स्वागत, पूजन, आरती और प्रसाद वितरण के साथ हजारों श्रद्धालु रथयात्रा में शामिल होंगे।

श्रद्धालुओं से की गई सहभागिता की अपील

मंदिर समिति ने सभी श्रद्धालुओं से आगामी धार्मिक आयोजनों में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।

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