दिल्‍ली आबकारी नीति केस- केजरीवाल-सि‍सोदिया आरोपमुक्‍त

राउज एवेन्यू कोर्ट का बड़ा फैसला

नई दिल्ली। दिल्ली आबकारी नीति केस में आम आदमी पार्टी के संयोजक व दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तथा पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया सहित 23 आरोपियों को राउज एवेन्यू की विशेष अदालत ने आरोपमुक्त कर दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।

सीबीआई जांच पर उठाए सवाल

कोर्ट ने इस मामले में सीबीआई की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। 598 पेज के विस्तृत आदेश में अदालत ने कहा कि जांच में कई कमियां पाई गईं। न्यायालय ने एक हजार पन्नों के आरोप पत्र में भी अनेक त्रुटियों की ओर संकेत करते हुए जांच एजेंसी को फटकार लगाई।

क्या था दिल्ली आबकारी नीति का मामला

दिल्ली सरकार ने नवंबर 2021-22 में आबकारी नीति में सुधार के उद्देश्य से नई नीति लागू की थी। इस नीति के तहत खुदरा बिक्री का पूरी तरह निजीकरण किया गया। सरकार का दावा था कि इससे आबकारी चोरी और अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगेगी तथा राजस्व में वृद्धि होगी।

शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 में कथित गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर लेफ्टिनेंट गवर्नर ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। आरोप था कि आम आदमी पार्टी के कुछ नेताओं, कथित साउथ ग्रुप और अन्य लोगों ने रिश्वत लेकर नीति में बदलाव कराया। इसी आधार पर जांच शुरू की गई थी।

राजनीतिक असर

विशेष अदालत द्वारा सभी आरोपियों को आरोपमुक्त किए जाने के बाद इस मामले के राजनीतिक प्रभाव पर भी चर्चा तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी ने इसे न्याय की जीत बताया है, जबकि विपक्षी दलों की ओर से भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

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