जब तक मांगें पूरी नहीं, राजस्‍व अधिकारी करेंगे केवल आपदा प्रबंधन वर्क, अन्‍य काम से बना ली दूरी

मुख्य सचिव को सौंपा ज्ञापन, संवर्ग विभाजन योजना वापस लेने की मांग

जबलपुर। मध्यप्रदेश के राजस्व अधिकारी कार्यस्थल पर उपस्थित होकर भी रेवेन्‍यू से जुड़े नियमित कार्य नहीं करेंगे। वे केवल आपदा प्रबंधन से संबंधित काम करेंगे। यह निर्णय मप्र राजस्व अधिकारी (कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा) संघ ने लिया है। संघ का कहना है कि जब तक संवर्ग में विभाजन की योजना को पूरी तरह वापस नहीं लिया जाता, वे इस तरह का विरोध जारी रखेंगे।

संघ ने अपनी मांगों को लेकर मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपा है। बताया गया कि 6 अगस्त से अधिकारी विरोध में हैं, लेकिन वे अवकाश पर नहीं हैं और कलेक्टरेट में उपस्थित रहकर विरोध जता रहे हैं।

संघ की प्रमुख मांगें

  • संवर्ग में विभाजन की योजना वापस होने तक सभी राजस्व अधिकारी केवल आपदा प्रबंधन कार्य करेंगे, अन्य सभी कार्यों से दूर रहेंगे।
  • कोई भी अधिकारी सामूहिक अवकाश या हड़ताल पर नहीं जाएगा, बल्कि जिला मुख्यालय पर उपस्थित रहेगा।
  • संवर्ग विभाजन का आधार कार्यपालिक दंडाधिकारी के कार्यों का निर्वहन बताया गया है। इसके तहत 45 प्रतिशत अधिकारियों को राजस्व कार्यों से अलग किया जा रहा है, जिसे संघ अस्वीकार करता है।
  • संघ की मांग है कि कार्यपालिक दंडाधिकारी की शक्तियां पुलिस विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग या अन्य किसी विभाग को सौंप दी जाएं।

संघ के निर्णय

  • 6 अगस्त से सभी अधिकारी जिला मुख्यालय में उपस्थित रहकर आपदा प्रबंधन के अलावा अन्य कार्यों से विरत रहेंगे।
  • शासकीय वाहन जिलों में जमा कराए जाएंगे।
  • डिजिटल सिग्नेचर के डोंगल सीलबंद कर जिला अध्यक्ष को सौंपे जाएंगे।
मध्यप्रदेश के राजस्व अधिकारी कार्यस्थल पर उपस्थित होकर भी रेवेन्‍यू से जुड़े नियमित कार्य नहीं करेंगे। वाहन जमा करा दिए।

जबलपुर में उपस्थित अधिकारी

जबलपुर में इस निर्णय के समर्थन में उपस्थित अधिकारियों में शशांक दुबे (जिला अध्यक्ष), विकास जैन (महासचिव), संदीप जायसवाल (वरिष्ठ उपाध्यक्ष), रविंद्र पटेल, आदित्य त्रिपाठी, रश्मि चौधरी, सृष्टि इनवाती आदि शामिल रहे।

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