मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल, बुधवार को निकलेगा वोट बचाओ-देश बचाओ मार्च

जबलपुर में इंडिया गठबंधन व सामाजिक संगठनों का प्रदर्शन, पेपर बैलेट से मतदान की मांग

जबलपुर। मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता के मुद्दे को लेकर इंडिया गठबंधन से जुड़े दलों और सामाजिक संगठनों ने बुधवार को जबलपुर में ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ मार्च निकालने की घोषणा की है। मंगलवार को हुई संयुक्त पत्रकार वार्ता में आयोजकों ने मार्च से जुड़ी जानकारी देते हुए चुनाव प्रक्रिया को लेकर कई मांगें सामने रखीं।

आयोजकों ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआइआर की प्रक्रिया को समाप्त करने और मतदान के लिए इलेक्ट्रॉनिक व्यवस्था के स्थान पर पेपर बैलेट अपनाने की मांग की। उनका कहना है कि मतदाता सूची में शामिल किसी भी पात्र नागरिक का नाम पुनरीक्षण अथवा सत्यापन की प्रक्रिया में नहीं हटाया जाना चाहिए।

संगठनों ने आरोप लगाया कि एसआइआर की प्रक्रिया के चलते समाज के कमजोर वर्गों के मताधिकार को लेकर आशंकाएं पैदा हो रही हैं। इनमें गरीब, श्रमिक, किसान, आदिवासी, दलित, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय शामिल हैं। उन्होंने मतदाता सूची तैयार करने और चुनाव संचालन की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने की आवश्यकता बताई।

पत्रकार वार्ता में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई। साथ ही उनके संबंध में लगाए जा रहे आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग रखी गई।

गांधी प्रतिमा से मालवीय चौक तक मार्च

‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ मार्च 7 अक्टूबर को शाम 4 बजे टाउन हॉल स्थित गांधी प्रतिमा से शुरू होगा। इसके बाद मार्च मालवीय चौक पहुंचेगा, जहां सभा आयोजित कर कार्यक्रम का समापन किया जाएगा।

आयोजकों के मुताबिक मार्च को राजनीतिक दलों के झंडों से अलग रखा गया है। इसमें शामिल होने वाले लोगों से केवल तिरंगा लेकर आने की अपील की गई है।

मार्च में जिला कांग्रेस कमेटी शहर, समाजवादी पार्टी, सीपीआइ, सीपीएम, राष्ट्रीय जनता दल, बहुजन मुक्ति दल, संयुक्त संघर्ष समिति जबलपुर, राष्ट्रीय समानता, सर्व जनजाति सेवा संघ, गढ़ा गोंडवाना संरक्षण संघ, संयुक्त पिछड़ा वर्ग मोर्चा और ओबीसी महासभा सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की बात कही गई है।