
जबलपुर। युवतियों में नेतृत्व क्षमता, आत्मनिर्भरता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के उद्देश्य से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जबलपुर महानगर ने ‘यशस्विनी’ युवती सम्मेलन आयोजित किया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर हुए इस आयोजन में शहर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से बड़ी संख्या में छात्राएं शामिल हुईं।

छात्राओं ने संभालीं आयोजन की जिम्मेदारियां
सम्मेलन की विशेषता यह रही कि कार्यक्रम की अधिकांश जिम्मेदारियां छात्राओं ने स्वयं संभालीं। मंच संचालन से लेकर आयोजन की व्यवस्थाओं तक छात्राओं की सक्रिय भूमिका रही। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बाद महिलाओं की सामाजिक भूमिका, नेतृत्व और वर्तमान दौर की चुनौतियों से जुड़े विषयों पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे।
आत्मनिर्भरता के साथ जिम्मेदारी जरूरी
राष्ट्रीय सेविका समिति की प्रांत प्रचारिका वसुधा ने कहा कि भारतीय समाज और संस्कृति में महिलाओं की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने छात्राओं से अपनी परंपराओं और संस्कारों से जुड़े रहते हुए समाजहित में सक्रिय भागीदारी करने का आग्रह किया।
अभाविप की राष्ट्रीय मंत्री क्षमा शर्मा ने कहा कि युवतियों को अपने अधिकारों की जानकारी के साथ सामाजिक और राष्ट्रीय दायित्वों को भी समझना चाहिए। उन्होंने छात्राओं से अपने भीतर नेतृत्व के गुण विकसित करने तथा आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
भारतीय महिला हॉकी टीम की कोच रेना यादव ने खेल के क्षेत्र के अनुभव साझा करते हुए कहा कि किसी भी लक्ष्य को हासिल करने के लिए अनुशासन, मेहनत और निरंतर प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने छात्राओं को जीवन में आने वाली कठिन परिस्थितियों से हिम्मत के साथ मुकाबला करने के लिए प्रेरित किया।
शोभायात्रा में दिखा उत्साह
सम्मेलन के विभिन्न सत्रों के बाद मानस भवन से शोभायात्रा निकाली गई। छात्राओं की यह यात्रा तीन पत्ती चौक से होते हुए राजीव गांधी चौक पहुंची। मार्ग में कई स्थानों पर शोभायात्रा का स्वागत किया गया।
भारत माता की महाआरती के साथ समापन
राजीव गांधी चौक पर भारत माता की महाआरती आयोजित की गई। इसके बाद सामूहिक वंदे मातरम् गान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। आयोजकों ने बताया कि सम्मेलन में जबलपुर महानगर के अलग-अलग कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों की छात्राओं ने सहभागिता की।