
जबलपुर। माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर हरे कृष्णा आश्रम, भेड़ाघाट से आज सुबह 5 बजे 500वीं नर्मदा पंचकोशी परिक्रमा 21 समूहों में विभिन्न संकीर्तन मंडलों के साथ श्रद्धा और उत्साह के बीच संपन्न हुई। श्रद्धालु हाथों में गुलाल और पुष्प लेकर एक-दूसरे को लगाते हुए ‘नर्मदे हर’ का जयघोष करते हुए परिक्रमा में शामिल हुए।
पंचकोशी परिक्रमा का आध्यात्मिक महत्व
संतों ने कहा कि जो भक्त संपूर्ण नर्मदा परिक्रमा नहीं कर पाते, वे पंचकोशी परिक्रमा कर पुण्य लाभ अर्जित करते हैं। भक्ति भाव और संकीर्तन के साथ निकली यह परिक्रमा श्रद्धा, आस्था और उत्साह का अद्भुत संगम बनी रही।
स्वामी रामचंद्र दास जी ने वितरित किया गोमती चक्र
आश्रम के संस्थापक स्वामी रामचंद्र दास जी महाराज ने बद्रीनाथ धाम से पूजित गोमती चक्र का प्रसाद स्वरूप वितरण किया। श्रद्धालुओं ने इसे आशीर्वाद के रूप में ग्रहण किया।
इन मार्गों से होकर निकली परिक्रमा
नर्मदा पंचकोशी परिक्रमा पंचवटी, 64 योगिनी, धुआंधार, कल्याण तपोवन, लामेटा घाट, नाव पार कर शनि मंदिर डुडुवारा, इमलिया, न्यू भेड़ाघाट होते हुए सिद्धन माता जी के सामने से पुनः नाव द्वारा पार कर हरे कृष्णा आश्रम पहुंची, जहां विशाल भंडारे के साथ समापन हुआ।
अनेक श्रद्धालुओं की रही उपस्थिति
इस अवसर पर नर्मदा महाआरती के संस्थापक डॉ. सुधीर अग्रवाल, संरक्षक श्रीमती सुषमा शंकर पटेल, श्याम मनोहर पटेल, श्रीमती मीना पटेल, विनोद दिवान, दुर्गा पटेल, पप्पू चौबे, मनोज गुलाबवानी, गुड्डू नेता, विनोद विश्वकर्मा, शिवकुमार पटेल, सेवक राम दहिया सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।