
प्रतियोगिता को विद्यार्थियों की आयु और कक्षा के आधार पर तीन वर्गों में बांटा गया था। पहले वर्ग में कक्षा पहली से तीसरी, दूसरे वर्ग में चौथी से सातवीं और तीसरे वर्ग में कक्षा आठवीं से दसवीं तक के विद्यार्थी शामिल हुए। चार दिवसीय हिंदी महोत्सव की गतिविधियों की शुरुआत इसी रचनात्मक आयोजन के साथ हुई।

चित्र में सोच की अभिव्यक्ति जरूरी : राजेश दुबे
प्रतियोगिता के निर्णायक एवं प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट राजेश दुबे ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि चित्रकला सिर्फ सुंदर रेखाएं खींचने या आकर्षक रंग भरने तक सीमित नहीं है। किसी भी चित्र की वास्तविक ताकत उसमें छिपे विचार और भावनाओं की अभिव्यक्ति से सामने आती है।
उन्होंने बच्चों को अपनी कल्पना और सोच को चित्रों के माध्यम से प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने के लिए प्रोत्साहित किया।
भाषा और संस्कृति से बच्चों को जोड़ना उद्देश्य
हिंदी समिति के अध्यक्ष फिरोज कुमार मेश्राम ने कहा कि बच्चों को महोत्सव से जोड़ने का उद्देश्य भाषा और संस्कृति के प्रति उनकी रुचि बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि बच्चे देश की भाषा और संस्कृति के भविष्य हैं।
उन्होंने कहा कि जिस तरह शब्दों के माध्यम से विचार व्यक्त किए जाते हैं, उसी तरह कला भी भावनाओं और विचारों को सामने रखने का प्रभावी माध्यम है।
कार्टूनिस्ट राजेश दुबे का सम्मान
कार्टून एवं चित्रकला के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए राजेश दुबे का हिंदी समिति की ओर से सम्मान किया गया। हिंदी महोत्सव के अध्यक्ष फिरोज कुमार मेश्राम, अतिरिक्त मुख्य अभियंता अनुराग नायक, संयोजक दीपक निगम, उपाध्यक्ष नितिन खत्री और केंद्रीय क्रीड़ा एवं कला परिषद के सचिव महेश चंद बलोदी ने उन्हें शॉल, श्रीफल और सम्मान पत्र भेंट किया।
चित्रों में दिखे प्रकृति और हिंदी के संदेश
विद्यार्थियों की कृतियों में पर्यावरण संरक्षण, प्रकृति और हिंदी भाषा के प्रसार सहित कई विषयों की झलक देखने को मिली। बच्चों ने अपनी कल्पना के अनुरूप रंगों का इस्तेमाल कर अलग-अलग संदेश चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किए।
प्रतियोगिता में शामिल सभी करीब 350 विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र दिए जाएंगे।
आयोजन में सहयोग देने वालों की रही भूमिका
कार्यक्रम के आयोजन में पराग मिश्रा, अंकुर चौरसिया, शशिकांत ओझा, इकबाल खान, अमर कुशवाहा, संजय आनंद, सुहास कोरडे, संजय पोल, क्रिस्टोफर नरोन्हा, गौरव शर्मा, रोहित कुशवाहा, राकेश यादव, राकेश स्वामी और घनश्याम राने सहित अन्य लोगों का सहयोग रहा। संचालन एवं आभार प्रदर्शन सुरेश त्रिवेदी ने किया।
15 सितंबर को होगा हिंदी महोत्सव का औपचारिक उद्घाटन
हिंदी महोत्सव का औपचारिक उद्घाटन 15 सितंबर को दोपहर 3 बजे शक्तिभवन स्थित केंद्रीय पुस्तकालय में होगा। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. दीप्ति पटेल रहेंगी। इस अवसर पर कार्यालयीन टीप प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी।
इसके अलावा आशीष पाठक द्वारा लिखित एवं निर्देशित तथा विनय शर्मा के एकल अभिनय वाला ‘पापकार्न’ नाटक समागम रंगमंडल द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा।
कार्टून और छायाचित्र प्रदर्शनी भी लगेगी
महोत्सव में कार्टूनिस्ट राजेश दुबे के कार्टून और छायाकार अजय धाबर्डे की छायाचित्र प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। पुस्तक प्रदर्शनी का संयोजन अजय यादव करेंगे।