
जबलपुर। रबी सीजन में बिजली की बढ़ती जरूरत को देखते हुए मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने रतलाम में पारेषण व्यवस्था को अपग्रेड किया है। रतलाम के 220 केवी सबस्टेशन में 200 एमवीए क्षमता के नए पावर ट्रांसफार्मर को स्थापित कर ऊर्जीकृत कर दिया गया है। इससे क्षेत्र में बिजली की उपलब्धता और पारेषण क्षमता को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
नया ट्रांसफार्मर 160 एमवीए क्षमता वाले उस पुराने ट्रांसफार्मर के स्थान पर लगाया गया है, जो वर्ष 1988 में स्थापित किया गया था। करीब 38 साल पुराने ट्रांसफार्मर की जगह अधिक क्षमता वाला उपकरण लगाए जाने से सबस्टेशन की क्षमता में 40 एमवीए की वृद्धि हुई है।
सबस्टेशन की कुल क्षमता 520 एमवीए हुई
नए 220/132 केवी ट्रांसफार्मर के शुरू होने के बाद रतलाम के 220 केवी सबस्टेशन की कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता अब 520 एमवीए हो गई है। इससे आने वाले समय में बढ़ते विद्युत भार को संभालने में पारेषण कंपनी को मदद मिलेगी।
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इस उपलब्धि पर एमपी ट्रांसको के अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि रतलाम जिले में पहली बार 200 एमवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर स्थापित हुआ है। इससे रबी सीजन के दौरान किसानों सहित अन्य उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता वाली और अधिक भरोसेमंद बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
प्रदेश में 19वां 200 एमवीए ट्रांसफार्मर
एमपी ट्रांसको के अधीक्षण अभियंता वायआर मांडलेकर ने बताया कि रतलाम में स्थापित 200 एमवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर मध्यप्रदेश में इस क्षमता का 19वां है। वहीं मालवा क्षेत्र में यह पांचवां 200 एमवीए ट्रांसफार्मर है।
बढ़ती बिजली मांग को संभालने में मिलेगी मदद
कंपनी के अनुसार, नई क्षमता जुड़ने से रतलाम क्षेत्र के विद्युत पारेषण नेटवर्क को अतिरिक्त मजबूती मिली है। इसका लाभ बढ़ती मांग के साथ विशेष रूप से आगामी रबी सीजन में बिजली आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने में मिलने की उम्मीद है।