प्रतिकूल मौसम में एमपी ट्रांसको ने बहाल की 220 केवी इंटर स्टेट ट्रांसमिशन लाइन

जबलपुर। तेज बारिश और तूफानी हवाओं से प्रभावित ग्वालियर-औरैया 220 केवी इंटर स्टेट ट्रांसमिशन लाइन को एमपी ट्रांसको की टीम ने 67 घंटे की लगातार मेहनत के बाद बहाल कर दिया। भिंड जिले की गोहद तहसील के बिरखाड़ी गांव के पास लाइन के दो टावरों का हार्डवेयर क्षतिग्रस्त होने और मिड-स्पान जॉइंट में खराबी आने के कारण विद्युत पारेषण प्रभावित हुआ था।

145 किलोमीटर लंबी लाइन में पेट्रोलिंग कर तलाशा फाल्ट

करीब 145 किलोमीटर लंबी लाइन में पेट्रोलिंग कर टीम ने खराबी वाले स्थान का पता लगाया। इसके बाद मौके की परिस्थितियों का आकलन करते हुए मरम्मत की कार्ययोजना तैयार की गई।

बारिश और कीचड़ के बीच पहुंची टीम

फाल्ट स्थल तक पहुंचना टीम के लिए आसान नहीं था। लगातार बारिश के कारण रास्तों में कीचड़ था और खेतों में धान की फसल खड़ी होने से आवागमन में भी परेशानी आई। तेज हवा के बीच कर्मचारियों ने सुरक्षा मानकों का ध्यान रखते हुए सुधार कार्य जारी रखा।

45 मीटर की ऊंचाई पर किया तकनीकी कार्य

मरम्मत के दौरान लगभग 45 मीटर की ऊंचाई पर तकनीकी कार्य किया गया। कठिन परिस्थितियों में लगातार काम करने के बाद टीम ने लाइन को पुन: बहाल कर विद्युत पारेषण व्यवस्था सामान्य कर दी।

ग्वालियर क्षेत्र के सबस्टेशनों को मिलती है बिजली आपूर्ति

ग्वालियर-औरैया लाइन उत्तर प्रदेश के औरैया स्थित पीजीसीआईएल सबस्टेशन से ग्वालियर तक आती है। यह ग्वालियर क्षेत्र के मेहगांव और औद्योगिक क्षेत्र मालनपुर स्थित 220 केवी सबस्टेशनों को बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। लाइन के रखरखाव की जिम्मेदारी एमपी ट्रांसको की है।

ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना की

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में लाइन को बहाल करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पारेषण लाइन की शीघ्र बहाली से विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने में मदद मिली है।