पन्ना में रातभर चला रास-गरबा, पंचमी को बंगला साहिब मंदिर जाएगी श्रीजी की सवारी

युवक-युवतियों से लेकर बच्चों और बुजुर्गों तक ने भक्ति गीतों पर लिया हिस्सा

राकेश कुमार शर्मा, पन्ना। अंतरराष्ट्रीय शरद पूर्णिमा महोत्सव अपने पारंपरिक स्वरूप और पूरे उत्साह के साथ आगे बढ़ रहा है। तीज की रात्रि महिला शक्ति ने मंच संभालकर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में अपनी भागीदारी दर्ज कराई, वहीं रात एक बजे से श्री प्राणनाथ जी मंदिर के ब्रह्म चबूतरे पर रास-गरबा का आयोजन शुरू हुआ। राज जी के प्रेम और भक्ति में सराबोर सुंदरसाथ ने पूरी रात गरबा करते हुए महोत्सव में आध्यात्मिक उल्लास की अनुपम छटा बिखेरी।

रास-गरबा में युवक-युवतियों के साथ बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी उत्साहपूर्वक शामिल हुए। सामूहिक गरबा के साथ अलग-अलग टोलियों में पारंपरिक नृत्य की प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। भक्ति गीतों की मधुर धुन और जयकारों के बीच पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। सभी आयु वर्गों की सहभागिता ने महोत्सव की सांस्कृतिक एकता और सामूहिक भक्ति की परंपरा को जीवंत कर दिया।

भक्ति गीतों पर झूम उठा ब्रह्म चबूतरा

‘आई बहार देखो सज के सिंगार सखी, आई बसंत ऋतु झूम-झूम के…’ और ‘आओ सखी सब मिलकर गाएं, रास रचाएं मधुबन में…’ जैसे भक्ति गीतों पर सुंदरसाथ देर रात तक झूमता रहा। महिला शक्ति की मंचीय भागीदारी और रास-गरबा में श्रद्धालुओं के उत्साह ने महोत्सव की रौनक बढ़ा दी। देर रात से सुबह तक चले इस आयोजन में भक्ति, परंपरा और सांस्कृतिक उल्लास का सुंदर संगम देखने को मिला।

पंचमी की सुबह विशेष आरती के बाद निकलेगी श्रीजी की सवारी

अंतरराष्ट्रीय शरद पूर्णिमा महोत्सव का समापन पंचमी की सुबह धार्मिक उत्साह और श्रद्धाभाव के बीच होगा। रास मंडल में विशेष आरती एवं सामूहिक आरती के उपरांत श्रीजी की सवारी जयकारों के साथ बंगला साहिब मंदिर के लिए प्रस्थान करेगी। इस दौरान सुंदरसाथ पूरे श्रद्धाभाव और उत्साह के साथ सवारी में शामिल होगा।

श्रीजी की सवारी के प्रस्थान के साथ ही महोत्सव के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों का विधिवत समापन होगा।