
जबलपुर। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जबलपुर जिले में तंबाकू मुक्त युवा अभियान 4.0 के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान का शुभारंभ सांदीपनि पंडित विष्णु दत्त शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सिहोरा में किया गया। इसके साथ ही शासकीय श्याम सुंदर अग्रवाल स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सिहोरा में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ। अभियान कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवीन कोठारी के मार्गदर्शन में संचालित किया गया।

उप मुख्यमंत्री के संदेश से विद्यार्थियों को किया जागरूक
कार्यक्रमों में मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेंद्र शुक्ल के तंबाकू मुक्त युवा अभियान संबंधी संदेश के माध्यम से विद्यार्थियों को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया।
राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के जिला नोडल अधिकारी डॉ. प्रशांत दुबे ने अभियान के उद्देश्यों एवं गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को तंबाकू सेवन से होने वाले गंभीर दुष्प्रभावों, तंबाकू नियंत्रण के महत्व तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के संबंध में जागरूक किया।
तंबाकू मुक्त परिसर बनाने की दिलाई शपथ
मध्य प्रदेश वॉलंटरी हेल्थ एसोसिएशन (MPVHA) के संभागीय समन्वयक रोहित पालीवाल ने दोनों शैक्षणिक संस्थानों में उपस्थित विद्यार्थियों एवं स्टाफ को तंबाकू का सेवन नहीं करने, शैक्षणिक परिसरों को तंबाकू मुक्त रखने तथा अपने परिवार एवं समाज को तंबाकू मुक्त बनाने की शपथ दिलाई।
स्कूल और महाविद्यालय के शिक्षक भी रहे उपस्थित
सांदीपनि पंडित विष्णु दत्त शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सिहोरा में आयोजित कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य श्री ए.के. उपाध्याय, शिक्षकगण, स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
वहीं, शासकीय श्याम सुंदर अग्रवाल स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सिहोरा में आयोजित कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एम.के. श्रीवास्तव, प्राध्यापक डॉ. डी.के. बघेल, अन्य स्टाफ सदस्य एवं विद्यार्थी शामिल हुए।
युवाओं को तंबाकू से दूर रखना अभियान का उद्देश्य
तंबाकू मुक्त युवा अभियान 4.0 का मुख्य उद्देश्य युवाओं को तंबाकू सेवन से दूर रखना, उनमें तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, शैक्षणिक संस्थानों को तंबाकू मुक्त बनाना तथा तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।