
जबलपुर। आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर 5 जुलाई 2025 को संस्कारधानी जबलपुर मराठी संस्कृति और भक्ति की अद्भुत छटा से सराबोर होगी। आषाढ़ी कार्तिकी वारी महामंडल जबलपुर के तत्वावधान में विशाल श्री विठ्ठल वारी हरिनाम संकीर्तन एवं शोभायात्रा का आयोजन किया जा रहा है। यह शोभायात्रा शनिवार शाम 4 बजे श्री दत्त मंदिर गोलबाजार से आरंभ होगी।
श्रीविघ्रहों और संत पालकियों के दर्शन
शहरवासियों को इस दौरान भगवान श्रीहरि विठ्ठल रखुमाई माता के भव्य श्रीविग्रहों के दर्शन होंगे। संत ज्ञानेश्वरजी महाराज और संत गजानन महाराज की पालकी भी रथारोहित होकर शोभायात्रा में शामिल रहेगी। श्रद्धालु और भक्तगण इन पालकियों के साथ पैदल हरिनाम संकीर्तन करते हुए नगर भ्रमण करेंगे।
यात्रा का निर्धारित मार्ग
यात्रा का मार्ग भी पूरी तरह तय किया गया है। दत्त मंदिर गोलबाजार से प्रारंभ होकर यह शोभायात्रा नेशनल हास्पिटल, पुराने जामदार हास्पिटल, डी.एन. जैन स्कूल, मालवीय चौक, सुपर मार्केट, लार्डगंज चौक, कमानिया गेट, सराफा बाजार, कोतवाली थाना और राजा रसगुल्ला वाली गली होते हुए श्री विठ्ठल रखुमाई मंदिर हनुमानताल तक पहुंचेगी।
भक्ति संगीत और सांस्कृतिक झलकियां
वारी यात्रा की विशेष झलकियां शहर की विविधता और सांस्कृतिक एकता को दर्शाएंगी। विठ्ठल बैंड, ढोल-ताशे की गूंज के साथ मातृशक्ति लेझिम दल अपने कदमताल में भक्ति गीतों की लय बुनेंगे। माताएं-बहनें और बच्चे पारंपरिक मराठी परिधानों में सजे-धजे होकर यात्रा में शामिल होंगे। रास्तेभर हरिनाम संकीर्तन गूंजेगा और शहर में भक्ति रस की धारा बहेगी।
समरसता और भक्ति का संदेश
आयोजकों के अनुसार यह यात्रा मराठी संस्कृति, भक्ति और समरसता की मिसाल बनेगी। इसमें गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति और मातृशक्ति की गरिमामयी सहभागिता भी सुनिश्चित की गई है। शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया है कि वे भगवान श्रीहरि विठ्ठल रखुमाई माता की आरती और पुष्पवर्षा से यात्रा का स्वागत करें।
व्यवस्थाएं और प्रशासनिक सहयोग
आषाढ़ी कार्तिकी वारी महामंडल जबलपुर ने सभी शहरवासियों से अपील की है कि वे इस आध्यात्मिक आयोजन में सहभागी बनकर शहर की साझा संस्कृति और भक्ति परंपरा को सशक्त करें। आयोजकों ने बताया कि यात्रा की तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं और भक्तों के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
शहर प्रशासन और पुलिस विभाग के सहयोग से यात्रा के मार्ग पर यातायात व्यवस्था भी बनाई गई है ताकि शोभायात्रा निर्विघ्न संपन्न हो सके। यह आयोजन हर वर्ष जबलपुर में मराठी समाज की एकजुटता और सांस्कृतिक धरोहर के सम्मान का प्रतीक माना जाता है। आयोजकों ने कहा कि विठ्ठल-रखुमाई के जयघोष और हरिनाम संकीर्तन से शहर के कोने-कोने में भक्ति और प्रेम का संदेश पहुंचेगा।
रिपोर्ट: विध्येश भापकर