
जबलपुर। सिंधी समाज की आस्था, श्रद्धा और भक्ति का महापर्व “चालीसा व्रत मेला 2025 महोत्सव” शुक्रवार, 11 जुलाई से प्रारंभ हो रहा है, जो मंगलवार, 19 अगस्त को सम्पन्न होगा। इस चालीस दिवसीय महायात्रा में सैकड़ों नर-नारी व्रत रखकर जल-ज्योति की पूजा अर्चना करेंगे।
प्रतिदिन होगा जलज्योति पूजन
इस महोत्सव के दौरान प्रतिदिन श्री झूलेलाल मंदिर भरतीपुर में प्रातः 9:30 से 10:30 बजे तक जलज्योति की पूजा, आरती, पल्लव और आध्यात्मिक सत्संग का आयोजन किया जाएगा।
शुभारंभ पर संतों के सान्निध्य में महापूजन
पर्व के प्रारंभ में 11 जुलाई को महापूजन प्रातः 9:30 बजे परम पूज्य स्वामी रामदास जी महाराज, स्वामी अशोकानंद जी महाराज और स्वामी प्रदीप जी महाराज के सान्निध्य में संपन्न होगा।
पूज्य बहराणा साहब का विशेष पूजन
पूरे चालीस दिनों तक पूज्य बहराणा साहब का पूजन प्रतिदिन प्रातः 9:30 से 10:30 बजे तक होगा। जलज्योति की आरती एवं पल्लव सांयकाल 7:30 से 8:00 बजे तक श्री झूलेलाल मंदिर में सम्पन्न होगी।
महानुष्ठान के अंतिम दिन मटकी शोभायात्रा
19 अगस्त को चालीसा व्रत महोत्सव के समापन अवसर पर विशाल मटकी (कलश) शोभायात्रा धूमधाम के साथ निकाली जाएगी। इसमें सिंधी समाज के श्रद्धालु बड़ी संख्या में भाग लेंगे।
माताएं-बहनें करेंगी दीपदान
चालीस दिनों तक माताएं और बहनें व्रत एवं उपवास रखकर भगवान झूलेलाल, जल देवता और वरुण देवता का पूजन करेंगी तथा मंदिर के जलाशय में दीपदान करेंगी।
हर शुक्रवार को होगा बहराणा पूजन
आयोजकों ने बताया कि 40 दिनों तक हर शुक्रवार को बहराणा साहब की विशेष पूजा, अर्चन और सत्संग का आयोजन होगा, जिसमें भक्तजन श्रद्धा से सम्मिलित होंगे।
आध्यात्मिक साधना का प्रतीक है चालीसा व्रत
आयोजन समिति के अनुसार चालीसा व्रत परंपरा आध्यात्मिक साधना और उपासना के लिए जीवन को मंगलमय बनाने का प्रतीक है। यह व्रत सुख-समृद्धि की भावना को जाग्रत करता है।
आयोजन समिति की अपील
आयोजन समिति के सदस्यों विधायक अशोक रोहाणी, उद्धवदास पारवानी, दिलीप तलरेजा, रामचंद्र आहूजा, रमेश आहूजा, राजकुमार कांधारी, माधवदास कुंदवानी, श्रीचंद मध्यांनी, कैलाश वासवानी, धर्मेंद्र मंगलानी, त्रिलोक वासवानी, लक्ष्मीचंद खेमानी, ताराचंद खत्री, सुरेश आसावानी, सुधीर भागचांदनी, गोविंद हीरानी, प्रकाश आहूजा, प्रकाश आसवानी, राजा सावलानी, विजय पंजवानी, हरीश आहूजा, बिल्लू हीरानी, सुनील हासवानी, सोनू लालवानी, गोपीचंद खत्री ने श्रद्धालु भक्तों से धार्मिक अनुष्ठानों में सम्मिलित होने की अपील की है।