
जबलपुर। अखिल विश्व गायत्री परिवार, गायत्री शक्तिपीठ मनमोहन नगर द्वारा 19 दिसम्बर से 22 दिसम्बर 2025 तक चार दिवसीय 251 कुण्डीय शक्ति संवर्धन गायत्री महायज्ञ ग्वारीघाट में आयोजित किया जा रहा है। इसी के अंतर्गत गायत्री तीर्थ शांतिकुंज हरिद्वार से लाए गए दिव्य शक्ति कलश की भव्य शोभायात्रा आज दोपहर 3 बजे श्रीनाथ की तलैया से प्रारंभ हुई। इसका समापन शाम 5 बजे गायत्री शक्तिपीठ में सांसद आशीष दुबे द्वारा विधिवत पूजन कर स्थापना के साथ हुआ।

पांच देवकन्याओं द्वारा कलश पूजन
कार्यक्रम का शुभारंभ गायत्री शक्तिपीठ, श्रीनाथ की तलैया पर पांच देवकन्याओं द्वारा कलश पूजन अर्चन से किया गया। इस पूजन में सनातन धर्म सभा के अध्यक्ष श्याम साहनी, उपाध्यक्ष शरद काबरा, उपजोन प्रभारी नरेश तिवारी, ट्रस्टी बीबी शर्मा, व्यवस्थापक प्रमोद राय, जिला समन्वयक प्रेमशंकर तिवारी, नारायण दुबे, प्रकाश मुरजानी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर उत्तर-मध्य विधानसभा क्षेत्र के विधायक अभिलाष पांडे के विशेष प्रतिनिधि वंदना मिश्रा भी शोभायात्रा में सम्मिलित हुईं और गायत्री शक्तिपीठ पहुंचकर सिर पर कलश रखकर आशीर्वाद ग्रहण किया।

गायत्री मंत्रोच्चार और जयकारों से गूंजा मार्ग
शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने गायत्री माता, दिव्य कलश देवता, गुरुदेव और गुरुमाता के जयकारे लगाते हुए भाग लिया। श्रीनाथ की तलैया से प्रारंभ होकर शोभायात्रा मालवीय चौक, गोलबाजार, रानीताल, यादव कॉलोनी, एमआर-4 विजय नगर और कृषि उपज मंडी होते हुए गायत्री शक्तिपीठ मनमोहन नगर पहुंची। यहां विधि विधान से दिव्य शक्ति कलश की स्थापना की गई।

हरिद्वार से लाया गया दिव्य शक्ति कलश
इस संबंध में बीबी शर्मा जी ने बताया कि यह दिव्य कलश हरिद्वार से लाया गया है और इसके दर्शन शहरवासी कभी भी कर सकते हैं। हरिद्वार से कलश लेने के लिए 300 से अधिक लोग, जिनमें गायत्री साधक महिलाएं, पुरुष और युवा शामिल थे, गए थे। हरिद्वार में दो दिन शांतिकुंज के मनीषियों ने सभी को व्यवस्थाओं की जानकारी दी थी और इसके बाद परिजनों को कलश प्रदान किया गया था। हरिद्वार में 5 जुलाई को शांतिपुंज परिसर से कलश यात्रा निकाली गई थी और 7 जुलाई को सभी परिजन शक्ति कलश लेकर जबलपुर लौटे थे।

9 जुलाई को होगा 12 घंटे का अखंड जाप
9 जुलाई को प्रातः 6:00 से सायं 6:00 तक कलश के समक्ष 12 घंटे का अखंड जाप भी आयोजित किया जाएगा। सभी श्रद्धालुओं को इसमें आमंत्रित किया गया है।