32 वर्ष में पहली बैठक, श्रीरामकौमार मंदिर गैसाबाद का होगा जीर्णोद्धार, प्रस्‍ताव पारित

हटा तहसील कार्यालय में श्रीरामकौमार जी मंदिर को लेकर अहम बैठक

हटा/दमोह। हटा तहसील कार्यालय में रविवार को एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन हुआ जिसमें गैसाबाद स्थित श्रीरामकौमार जी मंदिर के जीर्णोद्धार, स्वच्छता और अतिक्रमण जैसी विभिन्न विषयों पर गंभीर चर्चा की गई। इस बैठक की अध्यक्षता तहसीलदार शिवराम चढ़ार ने की और इसमें मंदिर कमेटी से जुड़े गणमान्यजनों की सक्रिय भागीदारी रही।

भगवान श्रीराम की पूजा के साथ हुई बैठक की शुरुआत

बैठक की शुरुआत भगवान श्रीराम की पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद मंदिर के संचालन, साफ-सफाई, जीर्णोद्धार की योजना, मंदिर से सटे अतिक्रमण हटाने, मंदिर खुलने और बंद होने की समय-सीमा तय करने जैसे विषयों पर विस्तार से विमर्श किया गया। इन सभी विषयों पर प्रस्ताव भी पारित किए गए, जिससे मंदिर की व्यवस्थाएं अधिक सुदृढ़ बन सकें।

32 वर्षों बाद हुई मंदिर से जुड़ी पहली आधिकारिक बैठक

गौरतलब है कि वर्ष 1992-93 में मंदिर को सरकारी घोषित किए जाने के बाद यह पहली बार है जब तहसील कार्यालय में मंदिर को लेकर कोई बैठक आयोजित की गई है। इस ऐतिहासिक बैठक को लेकर मंदिर कमेटी और क्षेत्रीय श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया।

समर्पित सदस्यों की सक्रिय भागीदारी

बैठक में पुजारी गणेश पांडे, लक्ष्मण तिवारी, गोपाल पटेल, रणधीर दाहिया, रजनीश तिवारी, सरूप पटेल, गिरधारी पटैल, मुकेश पटैल, मायाराम पटेल, गोविंद पटेल, मिथलेश पटैल सहित अनेक गणमान्यजन मौजूद रहे। सभी ने मंदिर के पुनरुद्धार को लेकर सकारात्मक विचार प्रस्तुत किए और भविष्य की रूपरेखा पर सहमति जताई।

जीर्णोद्धार को लेकर उत्साह

बैठक में यह तय किया गया कि श्रीरामकौमार जी मंदिर का जीर्णोद्धार श्रद्धा और पारंपरिक मूल्यों को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा। इसके लिए धन संग्रह, श्रमदान और प्रशासनिक सहयोग जैसे कई उपायों पर चर्चा हुई। उपस्थित जनों ने इसे एक पुनर्जागरण की शुरुआत बताया जो न केवल मंदिर के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा।

गैसाबाद सब स्‍टेशन जाने वाला मार्ग दलदल में तब्‍दील हो गया है। जिससे लोगों को असुविधा होती है।

गैसाबाद विद्युत सब स्टेशन जाने वाली सड़क पर कीचड़, हो रही असुविधा

गैसाबाद। गैसाबाद में स्थित विद्युत सब स्टेशन तक जाने वाली मुख्य सड़क इन दिनों कीचड़ से लथपथ है, जिससे वहाँ कार्यरत कर्मचारियों और आने-जाने वाले आम नागरिकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

बरसात के दिनों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण पूरी सड़क कीचड़ से भर गई है। पैदल चलना तो दूर, दुपहिया वाहन तक फिसलने का खतरा बना रहता है। स्थानीय कर्मचारियों ने बताया कि प्रतिदिन ड्यूटी पर आना मुश्किल होता जा रहा है और कई बार जरूरी उपकरणों की आपूर्ति में भी देरी हो जाती है।

स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या का शीघ्र समाधान किया जाए। सड़क पर पक्की नाली व्यवस्था के साथ-साथ मिट्टी हटाकर सीसी रोड या इंटरलॉकिंग का कार्य कराया जाए ताकि भविष्य में इस प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।

रिपोर्ट: जिमी नगरिया 

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