
जबलपुर। जिला मुख्यालय स्थित पुलिस लाइन परेड ग्राउंड पर इस बार आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में कई परिवर्तन दिखाई दिये। सबसे बड़ा परिवर्तन जिला प्रदेश की जनता के नाम पढ़ा जाने वाला मुख्यमंत्री के सन्देश का लाइव प्रसारण रहा। राजधानी भोपाल में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह से मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के सन्देश का सीधा प्रसारण यहॉं पुलिस लाइन परेड ग्राउंड पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस के जिले के मुख्य समारोह में किया गया था। इसके लिये समारोह स्थल पुलिस लाइन परेड ग्राउंड पर पाँच बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई गई थी। बता दें कि अभी तक जिला मुख्यालयों पर आयोजित कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि द्वारा मुख्यमंत्री के सन्देश का वाचन किया जाता था।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के सन्देश के सीधे प्रसारण के अलावा इन एलईडी स्क्रीनों पर पूरे समय पुलिस लाइन परेड ग्राउंड पर चल रहे स्वतंत्रता दिवस समारोह को लाइव दिखाया जाता रहा। इसमें मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा के समारोह स्थल पर आगमन से लेकर ध्वजारोहण, परेड का निरीक्षण, मार्च पास्ट, सांस्कृटिक कार्यक्रम और पुरस्कार वितरण तक की प्रत्येक गतिविधि शामिल थी। इसके लिये पुलिस लाइन परेड ग्राउंड पर पाँच कैमरे लगाये गये। एक ड्रोन कैमरा भी इनमें शामिल था। उच्च गुणवत्ता के इस जीवंत प्रसारण ने समारोह में पहुँचे दर्शकों को पूरे समय बांधे रखा। दर्शकों ने इसे काफी पसंद भी किया। उनके लिये यह एक दम नया अनुभव था।
स्वतंत्रता दिवस के जिला मुख्यालय पर आयोजित मुख्य समारोह में इस बार एक और नया प्रयोग देखने मिला। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का प्रदेश की जनता के नाम सन्देश के सीधे प्रसारण के अलावा इस बार जिले के स्वतंत्रता दिवस समारोह के मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने भी अपने बधाई संदेश का वाचन किया। उप मुख्यमंत्री का बधाई संदेश वर्ष भर की जिले की बड़ी उपलब्धियों पर केंद्रित था। श्री देवड़ा ने अपने बधाई सन्देश में पिछले एक वर्ष के दौरान जबलपुर जिले में हुये नवाचारों तथा स्वास्थ्य, शिक्षा एवं महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में हुये कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने जिले में आम जन जीवन की बेहतरी के लिये संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों तथा विकास की बड़ी परियोजनाओं की प्रगति का ब्यौरा भी अपने बधाई संदेश में दिया।
पुलिस लाइन परेड ग्राउंड पर संपन्न हुये जिले के स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में उत्कृष्ट कार्यों के लिये अधिकारियों-कर्मचारियों को पुरस्कारों के वितरण की व्यवस्था को भी बदला गया था। पुरस्कार पाने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के अलग-अलग समूह बनाये गये और मुख्य अतिथि द्वारा समूह में ही उन्हें मंच से प्रशस्ति पत्र प्रदान किये गये।