
भोपाल। नेशनल कमीशन फॉर इण्डियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन (भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग) आयुष मंत्रालय भारत सरकार की सहमति पर सत्र 2025-26 में प्रदेश में 4 नये आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज खुल गए हैं। इनकी मान्यता भी जारी कर दी गई है। ये सभी प्राइवेट आयुर्वेद कॉलेज हैं।
ये हैं कॉलेज
नये कॉलेजों में आईईएस आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज भोपाल में 100 सीट, इंडेक्स आयुर्वेदिक कॉलेज हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेंटर इंदौर में 100 सीटें, डिपार्टमेंट ऑफ आयुर्वेद श्रीकृष्णा छतरपुर में 100 सीट व पं महावीर प्रसाद मेमोरियल आयुर्वेदिक कॉलेज शिवपुरी की 100 सीटें शामिल हैं।
बढ़ीं सीटें
इस प्रकार 400 नई बीएएमएस की सीटें बढ़ने से आयुर्वेद यूजी की कुल सीटें अब 3296 हो गई हैं। पूर्व में 35 आयुर्वेद कॉलेजों की ईडब्लूएस की सीटें मिलाकर 2896 सीटें थीं। ज्ञात रहे कि प्रदेश में 07 शासकीय आयुर्वेद कॉलेज क्रमश: भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, बुरहानपुर, उज्जैन, इंदौर तथा 32 निजी आयुर्वेद कॉलेज शामिल हैं।
सर्वपल्ली राधाकृष्णन कॉलेज ऑफ आयुर्वेद हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेंटर भोपाल के प्राचार्य व आयुष मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ राकेश पाण्डेय बताते हैं कि अकेले भोपाल व सीहोर में ही कुल 18 आयुर्वेद कॉलेज हो गये हैं जबकि प्रदेश में इनकी संख्या 39 है। राजधानी भोपाल आयुर्वेद मेडिकल का गढ़ बनता जा रहा है। भविष्य में राजधानी भोपाल का पं खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेद कॉलेज जहां आयुर्वेद एम्स की शक्ल लेने की दौड़ में शामिल है जहां न सिर्फ रिसर्च हो रहे हैं बल्कि पंचकर्मा थैरेपी विश्व स्तर की प्रचलन में है। वहीं राजधानी के सर्वपल्ली राधाकृष्णन आयुर्वेद कॉलेज में बहुत जल्द कैंसर पर काम प्रारंभ होने वाला है।
देशभर में इस सत्र में 20 नए कॉलेज खुले
प्रदेश समेत देशभर में सत्र 2025-26 में अब तक 20 नये आयुर्वेद कॉलेज जिनमें मध्यप्रदेश में 4, महाराष्ट्र में 12, कर्नाटक, बिहार छत्तीसगढ़ व हरियाणा में एक-एक नया आयुर्वेद कॉलेज खोला गया है। देशभर में 20 नये आयुर्वेद कॉलेजों की 1680 नई बीएएमएस सीटें बढ़ने से आयुर्वेद की लगभग 35000 से ज्यादा सीटें हो गई हैं जिनमें नीट आधार पर सेंट्रल व स्टेट शासन द्वारा निर्धारित काउंसलिंग से प्रवेश जारी हैं।
छात्रों के हित में
प्रदेश में 4 नये आयुर्वेद कॉलेज खुलने समेत 39 आयुर्वेद कॉलेज व इनसे संबद्ध अस्पताल होने से जन-जन तक आयुर्वेद पहुंचने की दोड़ में है। निश्चित रूप से 3296 बीएएमएस सीटें होना छात्र व आयुर्वेद हित में है। नीट सेंट्रल व स्टेट आयुष काउंसलिंग से इसी सत्र 2025-26 में सीटें भरी जावेंगी।
– डॉ राकेश पाण्डेय
राष्ट्रीय प्रवक्ता, आयुष मेडिकल एसोसिएशन