National Ayurveda Day: आयुर्वेद संस्थानों ने मनाया 10वां राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस

सर्वपल्ली राधाकृष्णन आयुर्वेद कॉलेज समेत विभिन्न संस्‍थानों में आयोजन

भोपाल। विभिन्न संस्थानों की श्रंखला में सर्वपल्ली राधाकृष्णन विश्वविद्यालय के अंतर्गत सर्वपल्ली राधाकृष्णन कॉलेज ऑफ आयुर्वेद हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेंटर भोपाल में विगत नौ दिनों से चल रहा राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस समारोह आज दसवें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस समारोह के समापन के साथ संपन्न हुआ। इसकी थीम आयुर्वेद जन-जन के लिये – पृथ्वी के कल्याण के लिये पर प्रदेश के साथ-साथ समूचा देश व विश्व आज आयुर्वेद दिवस मना रहा है।

दीप प्रज्‍जवलन कर समारोह शुभारंभ

आरकेडीएफ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के चेयरमेन डॉ सुनील कपूर ने जहां शुभकामनायें दीं वहीं विश्वविद्यालय के वीसी डॉ अरुण श्रीवास्तव, सीईओ, डॉ आरपीएस चौहान, डॉ रुचि चौबे, रजिस्ट्रार डॉ एसएस पवार, डीन एकेडमिक डॉ नीलेश दिवाकर, आरकेडीएफ फॉर्मेसी कॉलेज के प्राचार्य डॉ मनीषा टंडन, डॉ एपीजे अब्दुल कलाम फॉर्मेसी कॉलेज के प्राचार्य डॉ प्रशांत सोनी, आरकेडीएफ पॉलीटेकनिक फार्मेसी के प्राचार्य डॉ प्रत्यूष जैन, डॉ केतकी मंडावर, डॉ सीमा साहू , संस्था प्राचार्य डॉ राकेश पाण्डेय, मैनेजमेंट आयुर्वेद डॉ आर गुप्ता , डॉ नितिन तिवारी, डॉ सत्यप्रकाश पाठक, डॉ शैली लोकारे, डॉ वैभव येवोकर, डॉ रेम्या आरजी की उपस्थिति में भगवान धन्वंतरी की पूजा -अर्चना व दीप प्रज्वलन कर समारोह का शुभारंभ हुआ।

प्रतियोगिताएं आयोजित

वृहद समारोह के अंतर्गत आयुर्वेद दिवस सप्ताह में अवैयरनेस रैली, मैराथन, हेल्थ कैंप, नुक्कड़ नाटक, पोस्टर प्रदर्शनी, आयुर्वेद एक्सपो, पृकति परीक्षण कैंप तथा चिकित्सा स्वास्थ्य से जुड़ी हुई विभिन्न प्रतियोगितायें आयुर्वेद छात्रों व स्टॉफ द्वारा आयोजित हुईं तथा विजेता प्रतिभागियों को पुरस्‍कृत भी किया गया।

जन जन त‍क पहुंच रहा आयुर्वेद

आरकेडीएफ व डॉ एपीजे अब्दुल कलाम फॉर्मेसी कॉलेज द्वारा भ्रमण कर आयुर्वेद एक्सपो का निरीक्षण किया गया। संस्था प्राचार्य डॉ राकेश पाण्डेय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपने संदेश में आयुर्वेद को प्राचीन धरोहर के साथ जीवन जीने की एक पूर्ण पद्धति बताने के साथ जीवन प्रणाली में संतुलन , प्रकृति के साथ सामंजस्य व दीर्घकालीन स्वास्थ्य का मार्ग बताने पर समूचे आयुर्वेद जगत की तरफ से हार्दिक आभार व्यक्त किया है। निश्चित रूप से आज पूरे विश्व में आयुर्वेद प्रमाणिकता के साथ स्थापित होकर जन-जन तक पहुंच रहा है।

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