
जबलपुर। पंडित द्वारका प्रसाद मिश्र भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी,डिजाइन एवं विनिर्माण संस्थान जबलपुर का 13 वां दीक्षा समारोह संपन्न हुआ। इस समारोह में संस्थान ने 2024 एवं 2025 में स्नातक होने वाले कुल 1108 छात्रों को डिग्रियां प्रदान की। जिनमें विभिन्न विषयों के 980 स्नातक, 61 स्नातकोत्तर, 66 डॉक्टरेट छात्र शामिल हैं। संस्थान ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले छात्रों को 11 स्वर्ण पदक, 24 रजत पदक प्रदान किए।

मुख्य अतिथि और अध्यक्षता
दीक्षा समारोह में होमी भाभा राष्ट्रीय संस्थान के कुलाधिपति राजीव गांधी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आयोग के अध्यक्ष और परमाणु ऊर्जा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ अनिल काकोडकर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। दीक्षा समारोह की अध्यक्षता ट्रिपल आइटीडीएम जबलपुर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष और जेनकोवल स्ट्रेटेजिक सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के अध्यक्ष दीपक घैसास ने की। ट्रिपल आइटीडीएम जबलपुर के निदेशक प्रो भारतेंदु के सिंह ने उपाधियां प्रदान कीं।
पदक पाकर चेहरे पर मुस्कान
विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए छात्र-छात्राओं को पदकों से सम्मानित किया गया। पदक पाकर छात्रों के चेहरे पर मुस्कान आई। 2024 बैच की महिमा तरुण सावला(बी डेस) को प्रतिष्ठित अध्यक्ष स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। मान्या अग्रवाल और विभूति चौहान (इलेक्ट्रानिक्स और संचार इंजीनियरिंग) को क्रमश: बीटेक/ बी डेस और एम टेक/ एम डेस /पीएचडी के लिए निदेशक स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। इसी बैच के लिए डी एंड एम प्रवीणता स्वर्ण पदक राजीव रंजन और अभिषेक सिंह (मैकेनिकल इंजीनियरिंग) को बीटेक/ बीडेस के लिए और विभूति चौहान (इलेक्ट्रानिक्स और संचार इंजीनियरिंग) को एम टेक/ एम डेस/पीएचडी के लिए प्रदान किया गया।
2025 बैच के लिए जतिन यादव (कंम्प्यूटर इंजीनियरिंग) को अध्यक्ष् का स्वर्ण पदक प्राप्त हुआ। रजत जैन (इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्यूनिकेशन इंजननियरिंग) और अमन सिंह राजपूत (मैकेनिकल इंजीनियरिंग) को क्रमश: बीटेक/ बीडेस और एम टेक/एम डेस/पीएचडी के लिए निदेशक का स्वर्ण पदक दिया गया। बीटेक/बीडेस के लिए डी एंड एम प्रवीणता स्वर्ण पदक निखिल कुशवाहा (इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग) को और एम टेक/एम डेस/पीएचडी के लिए भंडारकर विवेक वसंत (मैकेनिकल इंजीनियरिंग) को प्रदान किया गया।
उत्कृष्ट परियोजनाओं की प्रदर्शनी
शैक्षणिक उपलिब्धयों के अलावा समारोह में दोनों स्नातक बैचों के डिजाइन और विनिर्माण क्षेत्र में उत्कृष्ट परियोजना कार्यों को भी प्रदर्शित किया गया। संस्थान को भारत-जापान की अनूठी साझेदारी से निरंतर लाभ मिल रहा है। दीक्षा समारोह में छात्र, अभिभावक एवं अतिथि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।